खूनी आतंक का पर्याय बना नर तेंदुआ पिंजरे में हुआ कैद

लखीमपुर खीरी , 173

(मनोज मिश्र)

धौरहरा खीरी। वन रेंज धौरहरा के अंतर्गत दहौरा नाला के आसपास बीते कई महीनों से खूनी आतंक का पर्याय बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में बीती रात समा गया। हिसंक तेंदुए की लगातार सड़कों से लेकर खेतों तक चली गतिविधियों से क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था।
जानकारी के अनुसार वन रेंज धौरहरा सुजई कुंण्डा मार्ग पर आवारा गौवंशीय पशुओं से लेकर पड़ोसी गांव मंगरौली निवासी सिराजुद्दीन को लगभग दो माह पूर्व मारने की घटना के बाद जनप्रतिनिधियों व उच्चाधिकारियों से निर्देश पर हिसंक जीव को काबू करने के लिए वन विभाग अलर्ट हो गया।मामले को गंभीरता से लेते हुए वन क्षेत्राधिकारी नृपेंद्र कुमार चतुर्वेदी के नेतृत्व में टीम ने बीती नौ फरवरी को भी एक तेंदुए को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया था उसके बाद बीती रात पुनः फिर से उसी क्षेत्र से एक बाडी बिल्डर तेंदुए को सुरक्षित पिंजरे में कैद कर लिया।
हिसंक तेंदुए के पकड़े जाने के बाद इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है। ग्रामीणों ने वन विभाग की तत्परता की सराहना की है।
 वन विभाग के द्वारा बताया गया कि पकड़े गए नर तेंदुए की उम्र लगभग पांच से छः वर्ष होगी। देखने में बिल्कुल स्वस्थ हैं फिर भी चिकित्सकों द्वारा परीक्षण के उपरांत जंगल में भेजा जाएगा।

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