*गरीब बच्चों को नहीं मिल रही प्राइवेट स्कूलों में निशुल्क शिक्षा*

लखीमपुर खीरी , 156

*शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत है निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों में है 25% सीटों के अनिवार्य आरक्षण की व्यवस्था*

 

लखीमपुर खीरी। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्राइवेट स्कूलों में गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों को प्रवेश देने की मांग करते हुए खीरी विकास समिति के अध्यक्ष आमिर रज़ा पम्मी ने डीएम, एसडीएम, बीएसए और डीआईओएस को ज्ञापन देकर इस व्यवस्था को मानक के अनुसार कस्बा खीरी में लागू किए जाने की मांग की है।
  समिति के अध्यक्ष आमिर रज़ा ने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act), 2009 के तहत निशुल्क शिक्षा का प्रावधान है। इस कानून के तहत निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों को कक्षा-1 (या प्री-प्राइमरी) में 25% सीटें आर्थिक रूप से कमजोर और अलाभित समूहों के बच्चों के लिए आरक्षित करनी अनिवार्य हैं, जिनमें कक्षा 8 तक पढ़ाई मुफ्त होती है। परंतु प्रशासन की लापरवाही के चलते लगभग 70 हजार की आबादी वाले कस्बा खीरी में जहां 80% गरीब लोग निवास करते हैं। कस्बा खीरी में ही कई प्राइवेट हिंदी और इंग्लिश मीडियम विद्यालय संचालित हैं, परंतु इन विद्यालयो में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act), 2009 के तहत नियमा निसार निशुल्क शिक्षा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। जिससे कस्बा खीरी के गरीब बच्चे इस अधिनियम के लाभ से वंचित रह रहे हैं। 
समिति ने डीएम,एसडीएम सहित शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कस्बा खीरी में स्थित संचालित प्राइवेट विद्यालयों की गहन जांच पड़ताल कर छात्रों की संख्या के अनुसार इन विद्यालयों में गरीब बच्चों का मानक के अनुरूप निशुल्क प्रवेश कराकर उन्हें उचित शिक्षा उपलब्ध कराने का कष्ट करे।

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