सर्वोदय शांति पदयात्रा पहुंची चंद्रावती, दो संतों का हुआ मिलन जैन मुनि के दर्शन के लिए कई राज्यों के भक्त पहुंच रहे हैं
लखीमपुर खीरी Feb 25, 2026 at 07:02 PM , 130निघासन खीरी : सर्वादय शान्ति पदयात्रा नेपाल के पोखरा से चलकर मऊ, गाजीपुर होते हुए बनारस जिले के चंद्रावती में प्रवेश किया। पदयात्रा गुरुवार को सारनाथ व शुक्रवार को बनारस में पहुंचेगी। सर्वोदय शांति पदयात्रा बुधवार को बनारस जिले में चंद्रावती पहुंची जहां दिगंबर और श्वेतांबर संतों का मिलन हुआ। पदयात्रा में दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों के भक्त भारी संख्या में पहुंचकर गुरुवर का आशीर्वाद ले रहे हैं। मानव मिलन सस्थापक नेपाल केसरी, राष्ट्र संत जैन मुनि डॉ. मणिभद्र मुनि जी महाराज जी ने कहा कि भले ही पशुओं में शारीरिक बल अधिक हो या देवताओं में दिव्य बल, लेकिन साहस और संकल्प के मामले में मनुष्य 'अजेय' है .मनुष्य के दृढ़ निश्चय के सामने पाशविक और दिव्य, दोनों शक्तियां नतमस्तक (प्रभूत) हो जाती हैं। मनुष्य के पास यह चुनाव करने की स्वतंत्रता है कि वह कैसा जीवन जिए और कैसी मृत्यु पाए। वह मनुष्य बनकर जी सकता है। वह शैतान का रूप ले सकता है।
या वह अपने सत्कर्मों से भगवान के रूप में अमरता प्राप्त कर सकता है। जैनमुनि ने कहा कि मनुष्य का मनुष्य के रूप में मरना उसकी पराजय है और परमात्मा के रूप में मरना उसका विजय है। चंद्रावती में दिगंबर मुनि सुब्रत सागर और श्वेतांबर जैन मुनि डॉक्टर मणिभद्र मुनि जी महाराज का मिलन हुआ। दोनों संतों ने बैठकर कई विषयों पर चर्चा की। सर्वोदय शांति पदयात्रा को छत्तीसगढ़ के दुर्ग में पहुंचना है। जहां पर जैन संतों का चातुर्मास निश्चित है। सर्वोदय शांति पदयात्रा में जैन मुनि डॉक्टर मणिभद्र मुनि जी महाराज पुनीत मुनि जी महाराज सहित कुल छह संत यात्रा में शामिल है। सर्वोदय शांति पदयात्रा का जगह-जगह स्वागत हो रहा है।
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बनारस के चंद्रावती में दिगंबर व श्वेतांबर संतों का हुआ मिलन






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