रमजान के पहले जुम्मे की नमाज कस्बे की जामा मस्जिद में अदा की गई।
लखीमपुर खीरी Feb 20, 2026 at 06:35 PM , 171सिंगाही खीरी। रमजान के पहले जुम्मे की नमाज कस्बे की जामा मस्जिद में अदा की गई। इस दौरान सैकडों नमाजी मस्जिद पहुंचे तो इतनी बड़ी इमारत भी छोटी नजर आई। नमाज में सैकड़ों हाथ खुदा की बारगाह में इबादत के लिए उठे। सभी ने प्यार, मोहब्बत, रहमत, बरकत, देश की खुशहाली और बेहतर बारिश की दुआ मांगी। नमाजियों ने अपने गुनाहों के लिए माफी भी मांगी। मौलाना शोयब साहिल ने कहा कि प्रत्येक मोमीन को अपनी गाढ़ी कमाई का कुछ हिस्सा गरीबों में बांटना चाहिए।
रमजान-उल-मुबारक के मुकद्दस महीने के पहले शुक्रवार को मस्जिदों में नमाज अदा की गई, जिसमें भारी तादाद में रोजेदारों ने शिरकत की। बच्चों में भी काफी उत्साह देखा गया। साथ ही सभी ने मुल्क व कौम की तरक्की और आपसी भाईचारे की दुआएं मांगी गईं। कस्बे की जामा मस्जिद में दोपहर बारह बजे से नमाजियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। नमाज का वक्त होते-होते मस्जिद के अंदर से लेकर आंगन तक खचाखच भर चुका था। नमाज से पहले खिताब करते हुए पेश इमाम मौलाना शोयब ने कहा कि अल्लाह के नबी ने रमजान को सब्र और गमगुसारी का महीना फरमाया है। मोमिन को इस महीने में सब्र व शुक्र से काम लेना चाहिए और गरीबों, मोहताजों, बेवाओं और यतीमों की मदद के लिए हर वक्त तैयार रहना चाहिए। इसके बाद खुत्बा पढ़ा गया फिर दो रकात नमाज अदा की गई। आखिर में सभी ने अल्लाह तआला के सामने हाथ उठाकर मुल्क में अमनो-अमान और कौम की तरक्की व भाईचारे की दुआ मांगी।
*किस पर वाजिब है सदका-ए-फित्र*
मौलाना मोहम्मद मोहम्मद उमर ने बताया कि पैगम्बर-ए-इस्लाम ने इरशाद फरमाया कि हर आकिल, बालिग साहिबे निसाब मुसलमान पर अपनी और अपने नाबालिग बच्चों की तरफ से सदका-ए-फित्र वाजिब है। सदका-ए-फित्र के हकदार भी फकीर और मिस्कीन हैं।
*सदका-ए-फित्र कब अदा करें*
मुफ़्ती मोहम्मद राशिद ने कहा कि सदका-ए-फित्र ईद के दिन ईदगाह जाने से पहले हकदारों में तकसीम कर देना चाहिए। इसके अलावा अगर कोई शख्स ईद से पहले रमजान-उल-मुबारक के महीने में सदका-ए-फित्र अदा कर दे तो यह अदा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि सदका-ए-फित्र की मिकदार प्रति व्यक्ति दो किलो 45 ग्राम गेहूं या उसकी कीमत है। बेहूदा बातों से रोजे में जो कराहत आ जाती है, सदका-ए-फित्र उसकी पाकीजगी और तहारत का जरिया और मिस्कीनों, गरीबों की खुराक का इंतजाम है।






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