गुरुवार को लोगों ने रखे रोजे अध्यक्ष ने लिया सफाई व्यवस्था का जायजा

लखीमपुर खीरी , 187

सिंगाही खीरी। रमजान के महीने का गुरुवार से आगाज होने पर मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में खासी रौनक दिखाई दी। सभी मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ देखने को मिली। मुस्लिमों में पहले रोजे और तरावीह की नमाज को लेकर उत्साह देखा गया।

रमजान के पाक महीने में गुरुवार को पहले रोजे पर मुस्लिम समाज के लोगों ने सुबह सेहरी करने के साथ पहला रोजा रखा और शाम की इफ्तार की तैयारी के लिए बाजार में फलों और रमजान के शरबत, पकौड़ी, व्यंजनों की खरीदारी की। इस दौरान रोजेदारों ने पांच वक्त की नमाज पढ़ी। 
नगर पंचायत की तरफ से रमजान को देखते हुए कस्बे में साफ सफाई कराई गई।  रमजान का महीना शुरू होते ही बाजार में खजूर व फलों की मांग बढ़ गई। नगर पंचायत चेयरमैन मोहम्मद क़य्यूम ने सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और मस्जिदों के आसपास क्षेत्रों में रमजान के दौरान विशेष सफाई रखने की सफाई कर्मियों को हिदायत दी।

हर मुसलमान का फर्ज है कि रमजान के दिनों में खूब दुआ करें
मदीना मस्जिद के इमाम मौलाना इमामत हुसैन ने बताया कि ईस्लाम की बुनियाद पांच चीजों पर है, इनमें से एक रमजान के रोजे पुरुष पर फर्ज है। हदीस-ए-पाक से जन्नत के आठ दरवाजे हैं, इनसे से एक दरवाजे का नाम रय्यान है। इसमें वही दाखिल होंगे जो रोजा रखते हैं। हर चीज की एक जकात है, बदन की जकात रोजा है। रमजान का तीन अशरा है इसका पहला अशरा रहमत का, दूसरा अशरा मगफिरत का और तीसरा अशरा जहन्नम से निजात का है। रोजा सिर्फ पेट का ही नही आंख, कान दिमाग हाथों का है। मालदारों के लिए नसीहत है कि उन पर अपने माल (दौलत) की ढाई प्रतिशत जकात देना फर्ज है। उन्होंने बताया कि रमजान के दिनों में खूब दुआ करें। रमजान के दिनों में तरावीह खास नमाज है। इसका खास एहतराम करें क्योंकि तरावीह की नमाज साल में एक बार आती है। तरावीह की नमाज के बाद सीधे घर पर जाकर आराम करें और अगले रोजे की तैयारी करें। बेवजह घूमने की इस्लाम इजाजत नही देता। और दिखावे से परहेज करना भी जरूरी है।

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