70वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल ने किया नि:शुल्क “पशु चिकित्सा शिविर” का आयोजन

लखीमपुर खीरी , 163

(हरिशंकर मिश्र)

लखीमपुर खीरी। सीमांत क्षेत्र के ग्रामीणों एवं पशुपालकों के कल्याण हेतु राजन कुमार श्रीवास्तव, कमांडेंट 70वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल, के दिशा निर्देश में “एफ” समवाय द्वारा गुरुवार को AOR ग्राम विशुनापुर में नि:शुल्क पशुचिकित्सा शिविर (VCA) का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर ग्रामीणों की आजीविका के प्रमुख साधन पशुधन के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से आयोजित किया गया। उक्त शिविर का संचालन डॉ. बिपिन बिहारी, पशुचिकित्सा अधिकारी, सुजौली (जनपद बहराइच) के सहयोग से किया गया। शिविर के दौरान कुल 89 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया गया, जिनमें गौवंश, भैंस, बकरी आदि पशु शामिल रहे। 19 लाभार्थी पशुपालकों को प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित किया गया। पशुओं को आवश्यक दवाइयां नि:शुल्क प्रदान की गईं तथा गंभीर बीमारियों की पहचान कर उचित परामर्श दिया गया ।
                    कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रामीणों के बीच 02 प्रेरणात्मक एवं जागरूकता वार्ताएं आयोजित की गईं, जिनमें पशुओं के नियमित टीकाकरण, संतुलित आहार, स्वच्छता, संक्रामक रोगों की रोकथाम तथा दुग्ध उत्पादन वृद्धि संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। पशुपालकों को यह भी बताया गया कि समय-समय पर पशु स्वास्थ्य जांच कराना आर्थिक हानि से बचने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
                    शिविर के दौरान 13 स्थानीय नागरिकों के मोबाइल नंबर संकलित किए गए, जिससे भविष्य में भी समन्वय एवं त्वरित सूचना आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही 01 आवर्त गांव में जनसंपर्क कर ग्रामीणों को पशु स्वास्थ्य सेवाओं एवं सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया।
                   70वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल द्वारा सीमांत क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ-साथ नागरिक कल्याण कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय जनता के साथ विश्वास, सहयोग एवं समन्वय को सुदृढ़ किया जा रहा है। इस प्रकार के शिविर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने एवं पशुधन संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
                  स्थानीय ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने इस पहल की सराहना करते हुए वाहिनी एवं पशु चिकित्सा विभाग का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की।

Related Articles

Comments

Back to Top