बेइज्जती के बाद भी वहीं पढ़ाने को विवश अध्यापक ? सम्बन्धित बने मूकदर्शक

लखीमपुर खीरी , 232

(हरिशंकर मिश्र/केके शुक्ला)

लखीमपुर खीरी। ब्लॉक फूलबेहड़ के ग्राम सुथरी प्राथमिक विद्यालय में एक अध्यापक जिसकी कुछ ग्रामीणों ने बिना किसी वजह के पिटाई कर दी थी उसी गांव में इस घनघोर बेइज्जती के बाद भी पढ़ाने को विवश है। मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद भी कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई।
पीड़ित अध्यापक सआदत अली (इं० प्रधान अध्यापक) प्राथमिक विद्यालय सुथरी ब्लाक फूलबेहड जनपद खीरी ने बताया कि दिनांक 21.01.2026 को मध्याह्न भोजन के उपरान्त वह अपना ऑफिसियल कार्य करने हेतु ऑफिस चले गए। उस समय हुकुम चन्द जी (स०अ०) कक्षा में अध्यापन कार्य कर रहे थे। कुछ देर के लिये वह कक्षा से लघुशंका हेतु मूत्रालय गये। इसके उपरान्त 2-3 बच्चे, आनन्द, निगम और आदित्य गेंद खेलने लगे। तभी खेलते समय आनन्द पुत्र हरद्वारी निवासी राजारामपुरवा के सिर में चोट लग गयी। बच्चों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार निगम पुत्र धरमपाल निवासी राजारामपुरवा के द्वारा खेल-खेल में आनन्द को चोट लग गयी। जिसकी सूचना मिलते ही वह आनन्द को प्राथमिक उपचार हेतु मीलपुरवा ले जाकर पट्टी कराकर लगभग 2 बजे विद्यालय आ गए। इसी समय आनन्द के पिता हरद्वारी और निगम के पिता धरमपाल विद्यालय आ गये और पीड़ित  का गिरेबान पकड़ लिया और गाली-गलौज करने लगे। उनके द्वारा गाली-गलौज का कारण पूछे जाने पर हरद्वारी उनको खींचते हुए स्कूल से बाहर ले गये और धरमपाल ने धक्का देकर गिरा दिया और लातों घूसों से मारना शुरू कर दिया। इसके उपरान्त पैर पकड़कर घसीटते हुए जान से मारने की नीयत से लगभग 300 मीटर स्कूल से दूर ले गये। घसीटते समय दो व्यक्ति और आ गये। पीड़ित की सांसे लगभग रूक सी गयी और उसके बेसुध हो जाने के कारण लोग छोड़कर भाग गये। यह पूरी घटना विद्यालय में उपस्थित सहायक अध्यापक हुकुम चन्द व एजुकेटर धीरज कुमार एवं बच्चों के सामने घटित हुई  जिससे विद्यालय के बच्चे भी सहम गये। पीड़ित ने किसी तरह विद्यालय पहुंच कर खण्ड शिक्षा अधिकारी को इस घटना की सूचना दी एवं 112 नम्बर पर पुलिस को कॉल किया। जिससे मौका-ए-वारदात पर खण्ड शिक्षा अधिकारी एवं पुलिस बल पहुँच गया।
इसके बाद पीड़ित ने कोतवाली फूलबेहड़ जाकर घटना से संबंधित तहरीर दी। जहाँ उसका मेडिकल परीक्षण पुलिस द्वारा सरकारी चिकित्सालय फूलबेहड़ में कराया गया।दिनांक 22.01.2026 को जब विद्यालय पहुँचा तो वहां हरद्वारी निवासी राजारामपुरवा अपने 2-3 साथियों के साथ विद्यालय में उपस्थित थे। किसी अनहोनी एवं जानमाल की हानि के भय की आशंका से पीड़ित कोतवाली फूलबेहड़ आ गया जहां एक हमराही के संरक्षण में पीड़ित को जिला चिकित्सालय ओयल लखीमपुर भेजा गया। जहां उसका एक्स-रे हुआ।
एक सरकारी कर्मचारी वह भी शिक्षक के साथ उपरोक्त घटना कार्यस्थल पर आनड्यूटी कारित की गयी परंतु लगभग एक माह का समय बीत जाने के बाद अभी तक किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही ना होना अपने आप में एक आश्चर्य का विषय है?
विभाग के अधिकारियों को भी यह नहीं सूझा कि पीड़ित को इस घटना से शारीरिक के साथ साथ कितना मानसिक आघात पहुँचा है। जिससे उसको सम्मानपूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वाहन करने में कितनी परेशानी हो रही होगी। पीड़ित ने बताया कि इस घटना के उपरान्त वह काफी डरा हुआ है और उसके जानमाल का खतरा भी बना हुआ है परंतु इतना समय बीत जाने के बाद भी मामले में कोई कार्यवाही नहीं की गई है। संबंधित अधिकारियों और शिक्षक नेताओं ने मामले में एफआईआर दर्ज कराकर अपने कर्तव्यों की इति श्री कर ली।

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