ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत 457वाँ युगऋषि वाङ्मय की स्थापना सम्पन्न

लखीमपुर खीरी , 117

‘‘ऋषि का सद्साहित्‍य नैतिक शिक्षा प्रदान करता है।” -उमानन्द शर्मा


लखनऊ। गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर, लखनऊ के विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत “होली श्राईन इण्टर कॉलेज, मानस विहार, इन्दिरानगर, लखनऊ” के केन्‍द्रीय पुस्तकालय में गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं० श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सम्पूर्ण 79 खण्डों का 457वाँ ऋषि वाङ्मय की स्थापना का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। उपरोक्त साहित्य गायत्री परिवार की सक्रिय कार्यकर्ता-कार्यकर्त्री नितिन पाण्डेय एवं श्रीमती शोभिता पाण्डेय ने अपने पूज्य माता-पिता श्रीमती सुमन पाण्डेय तथा डी०एस० पाण्डेय के पचासवें विवाह दिवस के अवसर पर सुखी गृहस्थ जीवन के लिए भेंट किया तथा संस्थान के सभी छात्र-छात्राओं एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं को अखण्ड ज्योति (हिन्दी) पत्रिका भी भेंट किये।
इस अवसर पर वाङ्मय स्थापना अभियान के मुख्य संयोजक उमानंद शर्मा ने कहा कि “ऋषि का सद्साहित्‍य नैतिक शिक्षा प्रदान करता है।” डॉ० नीलम गुप्‍ता ने भी अपने विचार व्‍य‍क्‍त किये। संस्‍थान की निदेशिका श्रीमती उषा शंकर (नानी मैम) ने धन्‍यवाद ज्ञापन किया। मंच का संचालन विभागाध्यक्ष पी०के० पाण्डेय ने किया। 
इस अवसर पर गायत्री ज्ञान मंदिर के प्रतिनिधि उमानन्द शर्मा, देवेन्‍द्र सिंह, डॉ० नीलम गुप्‍ता, श्रीमती सुमन पाण्डेय तथा संस्थान की निदेशिका श्रीमती उषा शंकर (नानी मैम), कार्यकारी निदेशिका श्रीमती उज्जवला शंकर, प्रबन्धक भानू प्रताप, प्रधानाचार्या छाया अस्थाना, हिन्दी एवं संस्कृत के विभागाध्यक्ष पी०के० पाण्डेय सहित शिक्षक-शिक्षिकायें एवं छात्रगण मौजूद थे।

Related Articles

Comments

Back to Top