*-: कोहरा सूर्य को छिपा तो सकता है, मगर मिटा नहीं सकता :-* राजेश दीक्षित

लखीमपुर खीरी , 72

लखीमपुर खीरी। बारह जनवरी से इतिहास संकलन समिति के द्वारा शुरू युवा चेतना पखवाड़े के अन्तर्गत पं. दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मन्दिर इण्टर कालेज (यू.पी. बोर्ड) में प्रधानाचार्य डॉ० योगेन्द्र प्रताप सिंह की प्रेरक अध्यक्षता में विचारगोष्ठी हुयी। जिसमें युवा चिन्तन की दिशा को देश की दशा, समाज की भाती अवस्था से जोडते हये, युवा शक्ति को सशक्त, सुदृढ संकल्पवान, चरित्रवान, तेजस्वी बनाने की बात कही गयी। युवा शक्ति को रचनात्मक कार्यदिशा, ऊर्ध्वगामी, आदर्शाेन्मुखी चिन्तन को समर्पित युवा चेतना पखवाड़ा युवाओं की प्रतिभा को प्रेरणा का मार्ग देने, अपनी समस्त योग्यताओं को समर्पण का सशक्त सम्बल प्रदान करने की बात कह रहा है। इस अवसर पर मुख्य विषय प्रतिपादित करते हुये जिले के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता राजेश दीक्षित ने कहा कि थोडे समय के लिये कोहरा सूर्य को छिपा तो अवश्य सकता है, मगर मिटा नहीं। भ्रान्ति, भूम एवं अपसंस्कृति रूपी कोहरे की इतनी औकात नहीं है कि सत्य, सनातन संस्कृतिरुपी सूर्य को हमेशा-हमेशा के लिये लील जाये। उन्होने कहा संस्कार विहीन शिक्षा ही ‘‘साक्षर‘‘ को  ‘‘राक्षस‘‘ बना देती है। इस राष्ट्र एवं समाज को दुष्टों की दुष्टता से अधिक सज्जनो की निष्क्रियता, असंगठन एवं अकर्मण्यता ने समाज को अधिक क्षति पहुंचायी। यदि हमारी प्रतिभा स्वाति नक्षत्र की बूंद है, तो लोक कल्याण एवं लोक सेवा की दिव्य भावना वह सीप है जिसके समन्वय से हमारी प्रतिभा मुक्ता (मोती) का रूप धारण करती है। प्रधानाचार्य डॉ0 योगेन्द्र प्रताप सिंह नें अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में विद्यार्थियों से अपनी शिक्षा में राष्ट्र-समाज का स्थान, सनातन संस्कृति-संस्कारों का महत्व, श्रेष्ठ जीवन मूल्यों की उपादेयता सुनिश्चित करने की बात कही गयी। विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य सर्वेन्द्र कुमार अवस्थी ने कार्यक्रम का कुशल एवं सफल संचालन किया। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त आचार्य/आचार्या एवं बहुत बड़ी संख्या में भैया/बहन उपस्थित थे।

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