प्राविधानान्तर्गत उसके विरुद्ध विधिक कार्यवाही की जायेगी
जनपत की खबर Dec 15, 2022 at 05:20 PM , 243लखनऊ । जिला कृषि रक्षा अधिकारी, लखनऊ ने बताया कि कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय (कृषि, सहकारिता और किसान कल्याण) की अधिसूचना दिनांक 05 नवम्बर 2015 से जारी अधिसूचना में दिये गये निर्देश में एक व्यक्ति, विक्रय स्टाक या विक्रय के लिए प्रदर्शन या कीटनाशी के विक्रय हेतु अनुज्ञप्ति प्रदान करने के लिए आवेदन करता है, वह या उसके अधीन इस प्रयोजनार्थ नियुक्त कर्मचारी कृषि विज्ञान या जैव रसायन या जैव प्राद्योगिकी या जीवन विज्ञान या रसायन विज्ञान या वनस्पति विज्ञान या प्राणि विज्ञान में स्नातक डिग्री या किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से कृषि या बागवानी में एक वर्ष का डिप्लोमा पाठ्यक्रम के रूप में न्यूनतम अर्हता धारण करता हो। सभी फुटकर विक्रेता या डीलर जो इस नियम की अधिसूचना की तारीख को विधिमान्य अनुज्ञप्ति धारण न करते हो उन्हें शैक्षिक अर्हता प्रदान करने के लिए दो वर्ष का समय दिया गया था। साथ ही कीटनाशी (दूसरा संशोधन) नियम 2017 तथा दिनांक 02 जनवरी 2022 को जारी अधिसूचना सा0का0नि0 07(अ) कीटनाशी संशोधन नियम के द्वारा निर्धारित अर्हता के बिना वैध अनुज्ञप्ति धारको को सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/संस्थान से सप्ताह में एक बार कक्षाओं संहित प्रति सप्ताह प्रति दिन 12 सप्ताह की अवधि के लिये कीटनाशी प्रबन्धन में पाठ्यक्रम हेतु समय दिया गया था जिसकी अन्तिम समय सीमा 31 दिसम्बर 2022 तक है। जनपद के जिन कीटनाशी विक्रेताओं द्वारा अपनी शैक्षिक योग्यता/अर्हता की सूचना नही दी गयी है। ऐसे कीटनाशी अनुज्ञप्ति धारको को सूचित किया जाता है, की यह 12 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सर्टिफिकेट कोर्स आन इन्सेक्टीसाइड मैनेजमेन्ट का कोर्स तत्काल कर कार्यालय को सूचित कराये अन्यथा शैक्षिक योग्यता पूर्ण न करने की दशा में 31 दिसम्बर 2022 के बाद उनका कीटनाशी अनुज्ञप्ति स्वतः निरस्त हो जायेगा। जिसके लिये वह स्वयं उत्तरदायी होगे यदि 31 दिसंबर 2022 के बाद कोई भी कीटनाशी विकता निर्धारित अर्हता धारण किये बिना व्यापार करते हुये पाया जाता है तो कीटनाशी अधिनियम 1958 के प्राविधानान्तर्गत उसके विरुद्ध विधिक कार्यवाही की जायेगी।































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