अद्भुत व्यक्तिः बालों से भरे शरीर वाला व्यक्ति
परिवेश Nov 20, 2022 at 11:55 PM , 957अमर दुनिया में कुछ ऐसी बीमारियां हैं, जो किसी- किसी इंसान में पाई जाती हैं लेकिन ये जब होती हैं व्यक्ति की सूरत ही बदल देती हैं. सामान्य से अधिक लंबाई या फिर शरीर के अंगों में कुछ अजीब बदलाव शख्स को आम दुनिया के इंसानों को अलग बना देते हैं.भारत के मालवा क्षेत्र में स्थित रतलाम के ललित पाटीदार 17 वर्षीय किशोर हैंध् लेकिन उन्हें देखकर बच्चे डर जाते हैं. दरअसल उनक शक्ल आम इंसान से काफी अलग दिखती है. उनके हात पैर या फिर शरीर के सारे अंग यहां तक कि चेहरा भी एक इंसान जैसा ही है, लेकिन चेहरे पर उगे बाल ललित को काफी अलग लुक देते हैं. उनके चेहरे पर इतने घने बाल हैं वो एक भेड़िये जैसे दिखते हैं. ललित को देख बच्चे डर जाते हैं. चेहरा इतना भयानक दिखता है कि बच्चों को डरे के मारे ऐसा लगता है कि कहीं वो उन्हें काट ना ले. कभी कभी तो बच्चे उन्हें पत्थर भी मार देते हैं. ललित पाटीदार का शरीर एक खास हार्मोंन्स में बदलावके कारण ऐसा दिखता है. हालांकि वो पूरी तरह स्वस्थ हैं. लेकिन उन्हें एक दुर्लभ बीमारी है. जिसे ‘वेयरवोल्फ सिंड्रोम’ कहा जाता है. जिसके वजह से उनका पूरा चेहरा घने बालों से ढक गया है. ललित जब पैदा हुए तो उनके हाथ और पैरों में ये बाल थे. लेकिन 7 साल की उम्र होने तक उनके चेहरे पर भी बाल आने लगे और अब 17 साल की उम्र में उनके पूरे चेहरे पर बाल इस कदर आ गए फेस नहीं दिखता. ललित एक सामान्य परिवार से हैं. उनके पिता किसान हैं. वे 12वीं के छात्र हैं और पिता काम में हाथ बंटाते हैं. ललित को अपने इस रूप से कोई समस्या नहीं है.बल्कि वो अपने जीवन से खुश हैं. हालांकि उनकी शक्ल को देख मजाक भी उड़ाया जाता है. लोग उन्हें ‘मंकी बाॅय’ कहकर चिढाते भी हैं. लेकिन ललित के कई दोस्त हैं अब जो लोग उन्हें जानते हैं वे उन्दे डरते नहीं हैं . वेयरवोल्फ सिंड्रोमइंसानों में होने वाली एक दुर्लभ हार्मोंन्स डिसआॅर्डर की समस्या है. मेडिकल साइंटिस्ट्स के अनुसार, मध्यकाल के बाद अब तक दुनिया के कुल 50 लोगों में इस तरह की समस्या देखी गई है. इसे मेडिकल साइंस की भाषा में हाइपरट्रिचोसिस कहा जाता है. लोगों के अनुसार ललित शरीर बचपन से ही असामान्य बाल देखे गए. उनके माता- पिता बात को लेकर परेशान थे उन्होंने इलाज के लिए डाॅक्टरों से सलाह ली, लेकिन डाक्टरों ने उन्हें बताया जब बच्चे के हार्मोंस से बदलाव आएंगे तभी इस समस्या का कोई इलाज किया जा सकता है।































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