अदभुत परम्परा:स्वागत करने की अद्भुत परम्परा

परिवेश , 948

हमारी दुनिया अजाब गज़ब रीति रिवाजों से भरी पडी है.दुनिया भर में कई तरह के रीति-रिवाज है. लोग अपने देश की संस्कृति को भली- भांति जानते हैं और उसका पालन भी अपने ही अंदाज़ में .करते है. भारत में कुछ अलग रिवाज है, तो वहीं विदेश में रहने वाले लोगों की कुछ अलग  रीति रिवाज़ होते हैं.हमारे देश भारत  में तो  जब घर पर कोई बड़े-बुजुर्ग या मेहमान आते हैं तो उनके स्वागत में सबसे पहले बड़ो को दूर से प्रणाम किया जाता है या उनके पास जाकर उनका चरण स्पर्श किया जाता है. विदेशो में पास जाकर गाल में किस कर उनका स्वागत किया जाता है, या फिर गले मिला जाता है. पहले से चली आ रही नियमों का पालन करते हुए लोग अलग-अलग तरीको से स्वागत करते हैं. लेकिन भारत के पड़ोसी देश तिब्बत में एक अजीबोगरीब परंपरा का पालन किया जाता है, इस बारे में जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे और हंसी भी नहीं रोक पाएंगे. तो आइए जानते और समझते हैं  इस परंपरा के बारे में
भारत में किसी को जीभ दिखाने का मतलब चिढ़ाना होता है. ये काम स्कूली बच्चे अक्सर अपने दोस्तों को चिढ़ाने में करते रहते है. जिससे कई दफा तो आपस में लड़ाई झगडा   भी हो जाता है. भारत के पड़ोसी देश तिब्बत में मेहमानों के आने पर उन्हें जीभ दिखाया जाता है, वहां लोग इसे बुरा नहीं बल्कि अच्छी परंपरा मानते हैं. लोग इसे शुभ मानते हैं और जब भी लोग एक-दूसरे से मिलते हैं तब उन्हे जीभ दिखाते हैं. तिब्बती परंपराओं के मुताबिक, यहां के राजा ने ऐसा करके अतिथियों का स्वागत किया था. तभी से ही इस परंपरा को लोगों ने मानना शुरु कर दिया है.
एक ऐसी ही परंपरा ग्रीनलैंड में है, जिसके बारे में सुनकर जरूर हैरान होंगे. यहां पर भी अतिथियों के आने परएकदूसरे की नाक  रगड़ कर स्वागत किया जाता है. इसके अलावा मेहमानों के आने पर उनकी खुश्बू सूंघी जाती है. लोग एक- दूसरे के गाल और बाल सूंघते हैं. बाल और गाल सूंघना भी उनकी परंपरा का हिस्सा है. केन्या में रहने वाले आदिवासी भी अपने मेहमानों का स्वागत अलग तरीके से करते है. लोग मेहमानों को देखते ही खास तरीके से नाचने लगते हैं. वह एक जैसे नाचते है, उनकी यह परंपरा शुभ मानी जाती है. उनकी नाच में ऊंची छलांग लगाई जाती है.
अपने भारत के छत्तीसगढ़ में मैनपाट के माझी जनजाति समुदाय की अनूठी परंपरा चौंकाने वाली है जहां कीचड़ में नाच कर बारातियों का स्वागत करते हैं. मैनपाट की सबसे पुरानी परम्परा है यह .
मैनपाट की सबसे पुरातन जनजाति मांझी समुदाय अपने संस्कृतियों को अभी भी संजोये हुए है, जब भी इस जनजाति में विवाह होता है और बारात आती है तो इस जनजाति के लोग अपने गोत्र अनुसार बारात का स्वागत करते हैं. भैंसा गोत्र के लोग बारात आगमन पर कीचड में लोटते हैं .

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