अदभुत देवी : जिन्हें चढ़ावे में पसंद है हरी सब्जियां

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अमरेन्द्र सहाय अमर
भारत अदभुत मंदिर और देव स्थानों के लिए प्रसिद्ध है. यहाँ के तमाम मंदिर अदभुत रहस्यों से परिपूर्ण हैं. मंदिर में आने वाले भक्तों की मुराद भी पूरी होता है. कहते हैं मदिर और देव स्थानों पर आने वाले हर भक्त की झोली भरती हैं. लोग भी मातारानी को प्रसाद के रूप में मिठाई का भोग लगाते हैं. पर एक मंदिर ऐसा भी है, जहां मां को ताजी सब्जियां अर्पित की जाती हैं. हम बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश के  कानपुर,  हटिया स्थित बुद्धा देवी मंदिर की. अन्य दिनों की अपेक्षा यहां बुधवार को काफी भीड़ रहती है. मान्यता है नवरात्रि पर देवी मां की सभी भक्तों पर कृपा बरसती है. नवरात्रि के समय उनके दर्शन करने के लिए कानपुर के आसपास के जनपदों से भक्तगण आते हैं. मान्यता है कि यहां सब्जियां चढ़ाने से हर मुराद पूरी होती है.

इस मंदिर के पुजारी कोई पुरोहित, पुजारी या पंडित नहीं होते हैं. इस बुद्धा मंदिर का पुजारी को राजू माली के नाम से पुकारा जाता है. राजू माली के पूर्वज कभी यहाँ सब्जी की खेती करते थे. राजू माली के अनुसार  यह मंदिर करीब 100 साल पुराना है. आज जिस जगह मंदिर है, वहां कभी  सब्जियों का बगीचा हुआ करता था. उसकी देखरेख का काम उनके पूर्वज किया करते थे. बताया जाता है कि एक बार राजू माली के पूर्वज के सपने में बुद्धा देवी आईं और बोली कि उन्हें इस बगीचे से बाहर निकालो. ये सपना करीब एक हफ्ते तक आता रहा, जिसको लेकर वे परेशान रहने लगे. इसके बाद उन्होंने बगीचे के उस स्थान की खुदाई करने का फैसला किया, जहां मां बुद्धा ने खुदाई करने को कहा था. करीब तीन दिन की खुदाई के बाद देवी बुद्धा की मूर्ति मिली. उनकी मूर्ति मिलने के बाद उन्होंने वहां एक चबूतरा बनवाया और मूर्ति की स्थापना की गई. देवी की मूर्ति सब्जियों के बगीचे से निकली थी, इस वजह उन्हें प्रसाद के रूप में सब्जियां चढ़ाई जाती हैं.
कहा जाता है इस देवी के मंदिर में मनौती मानने वालों की मुराद पूरी होती है .

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