अब रामलला की मुख्य तीन आरती में शामिल हो सकेंगे भक्त
अन्य खबरे Oct 26, 2022 at 06:48 PM , 370अयोध्या।रामनगरी में जैसे-जैसे राममंदिर के निर्माण का कार्य अपनी पूर्णतः की तरफ बढ़ रहा है वैसे-वैसे उनके श्रद्धालुओं की दर्शन के दौरान होने वाली कठिनाईयों को भी कम किया जा रहा है। फैसला आने के बाद भक्त और भगवान के बीच की दूरी कम की गई। घुमाव दार वैरिकेटिंग के रास्ते को ख़त्म कर दर्शन की दूरी कम की गई। अब श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट दर्शन की अवधि में भी बढ़ोत्तरी का एलान कर दिया है। साथ ही रामलला के भक्तों को उनकी मुख्य आरती में भी शामिल करने की योजना बनाई है। अब भक्त उनकी तीन समय होने वाली मुख्य आरती में भी शामिल हो सकेंगे।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि अब 29 अक्टूबर से प्रातःकाल 6:30 बजे जागरण आरती में उपस्थित रहने के लिए अधिकतम 30 भक्तों को प्रवेश पत्र दिए जाएंगे। यह प्रवेश पत्र मोहल्ला रामकोट स्थित राम कचहरी मंदिर में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के कैंप कार्यालय से जारी होंगे । पुलिस द्वारा सुरक्षा जांच व अन्य सभी व्यवस्थाएं सदैव के अनुसार ही रहेंगी । उन्होंने बताया अन्य सभी भक्त सदैव के समान प्रातः काल 7:00 से दर्शन के लिए प्रवेश कर सकेंगे। यह प्रवेश अब 11:30 बजे दोपहर तक रहेगा। भोग आरती में 30 भक्त अधिकतम प्रवेश पत्र लेकर उपस्थित रह सकेंगे ।भोग आरती दोपहर 12:00 बजे होगी ।भगवान की विश्राम अवधि दिन में 12:30 बजे से दोपहर पश्चात 2:00 बजे तक रहेगी । समय 2 बजे से दर्शन के लिए सर्व सामान्य भक्त हमेशा की तरह समान प्रवेश कर सकेंगे । यह प्रवेश अब सायंकाल 7:00 बजे तक होगा । भोग आरती में सायंकाल को अधिकतम 60 व्यक्ति प्रवेशपत्र के साथ उपस्थित रह सकेंगे। भोग आरती रात्रि 7:30 बजे होगी।बता दे अभी तक रामलला का दर्शन सुबह 7:00 से 11:00 तक और दूसरी बेला में 2:00 से 6:00 तक दर्शन करने की अनुमति प्रशासन द्वारा दी जाती रही है।अयोध्या के हजारों मंदिर में अपने आराध्य को 56 प्रकार की भोग लगाकर अन्नकूट का महोत्सव मनाया गया। हनुमानगढ़ी के मुख्य पुजारी रमेश दास और झुनकी घाट मंदिर के प्रसिद्ध कथाकार प्रभंजनानंद शरण बताते हैं कि भगवान श्री राम के वनवास से लौटने और उनके राज्याभिषेक की खुशी में अन्नकूट का पर्व आयोजित किया जाता है। दीपावली के दूसरे दिन होने वाले इस आयोजन में इस बार ग्रहण का साया था। इसलिए इसे तीसरे दिन मनाया गया है। राम जन्मभूमि में रामलला को 56 प्रकार के भोग लगाकर श्रद्धालुओं ने वितरित किए गया।पुजारी संतोष तिवारी ने बताया कि रामलला को मिठाई, नमकीन और खीर सहित कई अन्य प्रकार का भोग अन्नकट के अवसर पर लगाया गया है।



























Comments