लखनऊ विकास प्राधिकरण के अवर अभियंता अंशु गर्ग की जीत हुई।

जनपत की खबर , 561

लखनऊ।

मालूम हो लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने ड्राफ्ट मैन राजेश श्रीवास्तव जो 19 साल से अभियंत्रण ज़ोन 1 में अपने पद के विपरीत नियम विरुद्ध नियुक्ति पाये था, ड्राफ्ट मैन राजेश श्रीवास्तव की अभियंत्रण ज़ोन 1 में  नियुक्ति को रद्द करते हुए तत्काल प्रभाव से मुख्य नगर नियोजक/ मुख्य अभियंता के कार्यालय से संबद्ध कर दिया है।

जो दुरभिसंधि करके अवर अभियंता के समकक्ष पद पर तैनात था, जिसका वो पात्र ही नही था, और अनधिकृत तरीके से अवर अभियंता के समस्त कार्य निष्पादित कर रहा था।

सूत्रों के अनुसार 19 साल पहले तत्कालीन अधिशासी अभियंता डीसी श्रीवास्तव की मिली भगत से इसने ड्राफ्ट मैन होते हुए भी अवर अभियंता का चार्ज हथिया लिया था, और करोड़ो रुपए वित्तीय हस्त पुस्तिका के माध्यम से इसने जारी किए, जो नियमों के अनुसार एक अवर अभियंता ही कर सकता है। 

उक्त ड्राफ्ट मैन ने बिना पात्रता के सरकारी राजस्व की हानि की जो जांच का विषय भी है।

इस अनियमितता को विकास प्राधिकरण के अवर अभियंता अंशु गर्ग ने उजागर किया, और लंबी लड़ाई लड़ी जिसकी प्रणिती में उन्हें अभियंत्रण विभाग से हटा के दंड स्वरूप मुख्य अभियंता के यहां तैनात किया गया।

अब देखना यह है जब विभाग ने यह मान लिया है, कि अनियमितता हुई है। और ड्राफ्टमैन को हटाया गया है, तो विभाग को इस अवर अभियंता को भी अभयदान देना चाहिए और इनकी सम्मानजनक स्थिति बहाल करनी चाहिए।

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