शमन योजना-2020 के तहत किये गये आवेदन होंगे निरस्त

जनपत की खबर , 425

लखनऊ।

शमन योजना-2020 के तहत किये गये आवेदन होंगे निरस्त

- लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने जन शिकायतों की समीक्षा के दौरान सामने आये एक प्रकरण को लेकर जारी किये आदेश

- अनाधिकृत/अवैध निर्माणों की कम्पाउडिंग के लिए लोगों को शमन उप विधि-2010 के तहत ही करना होगा आवेदन

18 सितम्बर, लखनऊ। अनाधिकृत/अवैध निर्माणों को नियमित करने के लिए शमन योजना-2020 के तहत किये गये सभी आवेदन निरस्त होंगे। लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने इस संबंध में आदेश जारी किये हैं। पूर्व में इस योजना के अंतर्गत आवेदन कर चुके लोगों को अब शमन उप विधि-2010 के तहत ही आवेदन करना होगा। 

प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने जन शिकायतों के निस्तारण के संबंध में शनिवार को समीक्षा बैठक की। इस दौरान सरस्वतीपुरम् का एक प्रकरण सामने आया, जिसमें भवन स्वामी द्वारा शमन योजना-2020 के तहत आवेदन किया गया था। इसके आधार पर भवन स्वामी द्वारा उसके निर्माण को नियमित किये जाने की मांग की गई थी। मामले की समीक्षा के दौरान उपाध्यक्ष ने कहा कि शमन योजना-2020 को हाईकोर्ट द्वारा स्थगित कर दिया गया था। जिसके पश्चात् शासन द्वारा सामान्य शमन नियमों के अंतर्गत शमन मानचित्र निस्तारित करने के निर्देश दिये गये थे। लिहाजा जिन लोगों ने शमन योजना-2020 के तहत आवेदन कर रखा है, वे यदि चाहें तो शमन उप विधि-2010 के प्राविधानों के अनुसार फिर से आवेदन कर सकते हैं। अन्यथा शमन योजना-2020 के अंतर्गत किये गये आवेदनों को निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी। 

जन शिकायतों की समीक्षा बैठक के दौरान उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने पूर्व की ही भांति शिकायतकर्ताओं से फोन पर बात की। उन्होंने लोगों को उनके द्वारा दिये गये प्रार्थना पत्रों पर की गई कार्यवाही से अवगत कराया। इस दौरान उन्होंने लोगों से यह भी पूछा कि- क्या वे प्राधिकरण अधिकारियों द्वारा की गई कार्यवाही से संतुष्ट हैं? बैठक में उन्होंने करीब 215 शिकायतों की समीक्षा की, जिनमें से अधिकांश मामलों पर संबंधित अधिकारियों द्वारा कार्यवाही की जा चुकी थी। जिन मामलों के निस्तारण किन्हीं कारणों से शेष रह गये, उपाध्यक्ष ने उन मामलों को भी शीघ्रता से नियमानुसार निस्तारित करने के निर्देश दिये।

 

नगर निगम/जलकल को जल्द हस्तांतरित होंगी सुविधाएं:

लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने योजनाओं के हस्तांतरण के संबंध में भी बैठक की। जिसमें उन्होंने जानकीपुरम् योजना के सेक्टर-जे एवं जानकीपुरम् विस्तार योजना के सेक्टर-1 से सेक्टर-11 तक की नगर निगम व जलकल विभाग को हस्तांतरित/हस्तांतरण की जाने वाली सुविधाओं का विवरण अवलोकित किया। इसी तरह उन्होंने गोमती नगर योजना के अंतर्गत विराज खण्ड, विकल्प खण्ड, विभूति खण्ड एवं गोमती नगर विस्तार योजना की नगर निगम और जल संस्थान को हस्तांतरित/हस्तांतरण की जाने वाली सुविधाओं की सूची तैयार करवाई। उन्होंने निर्देश दिये कि संबंधित विभागों को जितनी सुविधाएं हैण्डओवर की जानी हैं, उन्हें ले-आउट पर मार्क करके 10 दिनों में भेज दें। जिसके बाद नगर निगम के साथ संयुक्त बैठक करके इन सुविधाओं के हस्तांतरण की कार्यवाही की जाएगी।

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