संगोष्ठी के रूप में उपजा प्रेस क्लब ने मनाया हिंदी पत्रकारिता दिवस

जनपत की खबर , 664

फिरोजाबाद। पत्रकारिता एक विश्वश्नीयता के साथ साथ एक चुनौतीपूर्ण कार्य है जिस पर खरा उतरना भी एक चुनौती बन चुकी है। क्योकि पत्रकारिता ही समाज का आइना कहलाती है। 
हिन्दी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर उपजा प्रेस क्लब के सुहाग नगर कार्यलय पर जिलाध्यक्ष उमाकांत पचैरी की अध्यक्षता में आयोजीत एक संगोष्ठि में उक्त विचार मुख्य वक्ता प्रदेश अध्यक्ष द्विजेन्द्र मोहन शर्मा ने कहे। उन्होंने कहा कि  30 मई 1826 को देश का पहला हिन्दी अखबार उदंत मार्तंड प्रकाशित हुआ इसी दिन को हिंदी पत्रकारिता दिवस के रूप में मनाया जाता है उस समय शुरू हुआ हिंदी पत्रकारिता का यह सिलसिला बदस्तूर जारी है । आज की नई पीढी का दायित्व है कि हम हिन्दी पत्रकारिता के मान सम्मान के साथ चुनौती भरे समय में अपने स्वाभिमान की भी रक्षा करे।
     उपजा प्रेस क्लब के अध्यक्ष उमाकांत पचैरी एडवोकेट ने कहा कि हिंदी प्रिंट पत्रकारिता आज किस मोड़ पर खड़ी है यह किसी से छिपा हुआ नहीं है उसे अपनी जमात के लोगों से तो लोहा लेना ही पड़ रहा है साथ ही इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की चुनौतियां भी उसके सामने हैं  एक समय था जब हिंदी पत्रकारिता अपने शीर्ष पर थी वह बात अब नजर नहीं आती इसकी तीन वजह  हो सकती हैं पहली अखबारों की अंधी दौड़ ,दूसरा व्यवसायिक दृष्टिकोण ,और तीसरा समर्पण की भावना का अभाव  द्य पहले अखबार समाज का दर्पण माने जाते थे पत्रकारिता मिशन होती थी लेकिन अब इस समय पूरी तरह से  व्यावसायिकता हावी है द्य
         प्रेस क्लब के संयोजक राकेश शर्मा ने कहा कि निष्पक्ष पत्रकारिता ही लोकतंत्र को सही रूप से लोकतंत्र प्राप्त कराती है सभी पत्रकार साथियों को अपने कार्य क्षेत्र में अपनी भूमिका का ईमानदारी से र्निवाहान करना चाहिए। 
       महासचिव मदन भारद्वाज ने संयुक्त रूप से कहा कि कोरोना के इस संक्रमण काल में पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी जान जोखिम में डालकर पत्रकार जिस तरह से रात-दिन रिपोर्टिंग कर पल-पल की खबर आम जनमानस व शासन प्रशासन तक पहुंचा रहे हैं यह किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। इसके लिए हमारे सभी पत्रकार साथी बधाई के पात्र है।
प्रान्तीय कोषाध्यक्ष सुनिल वशिष्ठ ने पत्रकारिता दिवस कि बधाई देते हुए कहा कि अफसोस की बात है कि कोरोना संक्रमित लोगों के बीच रहकर एक योद्धा की भूमिका निभाते हुए अपने कर्तव्य का पालन कर रहे इन पत्रकारों के लिए केंद्र व राज्य सरकारों ने अभी तक किसी भी प्रकार के आर्थिक राहत पैकेज की घोषणा नहीं की है। सरकारो को पत्रकारो की ओर भी ध्यान देना चाहिए।  
    इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार के.पी. सिंह यादव, राजेश जवरेवा कौशल राठौर, रवीन्द्र वर्मा, लकी शर्मा, शैलेश झा, श्री कृष्ण चित्तौड़ी, शिवेन्द्र शर्मा पत्रकार , बनवारी लाल कुशवाह आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
 

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