श्रद्धांजलि : पायलट अभिनव चौधरी की अंतिम विदाई ने नम की आंखें, बागपत के पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार
हेडलाइंस May 23, 2021 at 12:16 PM , 286नई दिल्ली।
पंजाब के मोगा जिले में वायुसेना का मिग-21 विमान क्रैश होने से शहीद हुए स्क्वाड्रन लीडर अभिनव चौधरी के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार शनिवार को बागपत के पैतृक गांव पुसार में हुआ। ताऊ सूबे सिंह ने मुखाग्नि दी। हजारों लोगों ने नम आंखों से अपने लाल को अंतिम विदाई दी। पूरा क्षेत्र गगनभेदी नारों से गूंज उठा है।
पुसार गांव निवासी अभिनव चौधरी परिवार सहित मेरठ में गंगानगर की गंगासागर कॉलोनी में रहते थे। वह वायुसेना में बतौर स्क्वाड्रन लीडर राजस्थान के सूरतगढ़ में तैनात थे। गुरुवार रात साढ़े 11 बजे उन्होंने सूरतगढ़ से मिग-21 के साथ उड़ान भरी। यह विमान पंजाब के मोगा जिले में क्रैश हो गया। इसमें अभिनव शहीद हो गए।
पंजाब से विशेस विमान से अभिनव का पार्थिव शरीर गाजियाबाद के हिंडन एयरफोर्स स्टेशन लाया गया। सुबह साढ़े 9 बजे ट्रक से पार्थिव शरीर मेरठ के गंगानगर स्थित आवास पर पहुंचा। परिजनों व अन्य लोगों ने उनके अंतिम दर्शन किए। करीब 30 मिनट बाद परिजन पार्थिव शरीर लेकर पैतृक गांव पुसार को रवाना हो गए।
पुसार में पार्थिव शरीर पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। गांव के बाहर से हजारों युवाओं का समूह वायुसेना के वाहनों के साथ घर तक आया। शमशान घाट में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इससे पहले सेना के जवानों ने अंतिम सलामी दी। वायुसेना के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और गांववालों ने उनके शरीर पर पुस्प चक्र अर्पित किए। मुखाग्नि ताऊ सूबे सिंह ने दी।
*मिग-21 की उड़ान पर रोक लगाए सरकार*
राकेश टिकैत
अभिनव चौधरी के अंतिम संस्कार में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी शामिल हुए। इस दौरान राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार से फाइटर प्लेन मिग-21 की उड़ान पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि मिग-21 के क्रैश होने से अब तक 200 से ज्यादा फाइटर पायलट की मौत हो चुकी है। जिससे कई घरों और सरकार की संपत्ति की बड़ा नुकसान हुआ है। सरकार से जनता अपील कर रही है कि इन फाइटर जेट विमानों की उड़ान पर रोक लगनी चाहिये। उन्होंने सरकार से शहीद परिवार को उचित सम्मान देने की मांग की।
*शादी में करोड़ों रुपये लौटाकर एक रुपए का दहेज लिया था*
अभिनव चौधरी एक बहादुर पायलट थे। अभिनव चौधरी मूलपुर से उत्तर प्रदेश में स्थित बागपत के पुसार गांव के रहने वाले थे। वर्तमान में अभिनव चौधरी अपने परिवार के साथ मेरठ के गंगासागर कॉलोनी में रहते थे। अभिनव चौधरी उस समय चर्चा में आए थे। जब उन्होंने 25 दिसंबर 2019 को शादी में दहेज में मिली नकदी लौटा कर सिर्फ एक रुपया लिया था। उन्होंने उन लोगों को एक संदेश दिया था, जो शादी में करोड़ों रुपये का दहेज मांगते थे। अभिनव चौधरी के निधन पर सिर्फ एयरफोर्स या अभिनव चौधरी का परिवार ही नहीं बल्कि पूरे बागपत और मेरठ में दुःख की लहर व्याप्त है। अभिनव चौधरी इस पठानकोट एयरबेस में तैनात थे।
*पैराशूट नहीं खुलने से हुई मौत*
बताया जा रहा है कि अभिनव चौधरी ने अपना मिग-21 बाइसन को लेकर पंजाब से करीब एक बजे उड़ान भरी थी। वो मिग-21 बाइसन को लेकर सूरतगढ़ एयरबेस की तरफ वापस लौट रहे थे। लेकिन जैसे ही पंजाब के मोगा के गुजरे, तभी मिग-21 के इंजन में आग लग गई। हालांकि उन्होंने फाइटर विमान को संभालने की कोशिश भी की थी और फाइटर विमान को आबादी से दूर भी ले गए थे। लेकिन उनका पैराशूट खुल नहीं पाया था। बाद विमान में जोरदार धमाके हुआ और उनकी मौत हो गई।
*चार घंटों में मिला शव*
एसपी गुरदीप सिंह ने बताया कि मोगा के गांव लांगियाना के पास एक विमान के क्रैश होने की जानकारी कंट्रोल को रूम को मिली थी। इसके तुरंत बाद वह तुरंत पुलिस टीम के साथ मौके पर रवाना हुआ। क्षतिग्रस्त विमान के दो किलोमीटर दूर अभिनव चौधरी का शव बरामद हुआ है। अभिनव चौधरी के शव को ढूंढने में करीब 4 घंटों का समय लगा ।






























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