पहलवान सुशील कुमार गिरफ्तार, सागर धनखड़ हत्याकांड में है आरोपी

हेडलाइंस , 566

नई दिल्ली।
 पहलवान सागर धनखड़ हत्याकांड में दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी ओलंपियन सुशील कुमार (Susheel Kumar) और उसके राइट हैंड अजय को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस ने सुशील और उसके साथी अजय को पंजाब से कुछ देर पहले ही पकड़ा है। अब इन्हें दिल्ली लाने की तैयारी की जा रही है। ताकि इनसे पूछताछ की जा सके। पहलवान सुशील पर पुलिस ने एक लाख रुपये और अजय पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा था।


आपको बता दें कि इस वारदात की जांच के दौरान छत्रसाल स्टेडियम की सीसीटीवी फुटेज में सुशील 20-25 पहलवानों और असौदा गिरोह के बदमाशों के साथ सागर धनखड़ और दो अन्य लोगों को पीटता दिखा है। सभी लोग सागर को लात-घूंसों, डंडों, बैट और हॉकी से मारते दिख रहे हैं। फुटेज में सुशील, सागर और दो अन्य पीड़ितों पर हॉकी चलाता दिखा है। सभी पहलवान और बदमाश स्टेडियम के सीसीटीवी कैमरे में कैद हैं। दिल्ली पुलिस ने सारे आरोपियों पर इनाम घोषित किया है। 


हत्याकांड को अंजाम देने के बाद सुशील कुमार दिल्ली से फरार हो गया। वह पहले हरियाणा, उसके बाद पश्चिम उत्तर प्रदेश और फिर पंजाब में नजर आया। कई टोल नाकों पर लगे सीसीटीवी फुटेज से दिल्ली पुलिस को उसके इधर से उधर भागने के सबूत मिले हैं। दो दिन पहले मेरठ में भी एक टोल प्लाजा पर उसका सीसीटीवी फुटेज दिल्ली पुलिस ने बरामद किया था। अब दिल्ली पुलिस को जानकारी मिली कि वह वेस्ट यूपी से पंजाब की ओर फरार हुआ है। पुलिस उसके पीछे-पीछे पंजाब पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया है।


दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि 20 से 25 लोगों ने सागर और दो अन्य को अधमरा होने तक पीटा था। फुटेज से पता लग रहा है कि पीड़ितों को जानवरों जैसे पीटा गया। उनके मुताबिक, सुशील के साथ असौदा गिरोह के बदमाश और कुछ पहलवान थे। यह बात भी सामने आ रही है कि जेल में बैठा नीरज बाली सुशील को बचाने में लगा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि अग्रिम जमानत रद्द होने के बाद सुशील अब सरेंडर करने की तैयारी कर रहा है। दिल्ली पुलिस को ऐसे इनपुट मिले हैं कि उसने पहले हरियाणा और उसके बाद वेस्ट यूपी में अपने जानने वाले पुलिसकर्मियों से संपर्क किया। उसने सरेंडर करने की कोशिश की लेकिन दिल्ली पुलिस उसके पीछे लगी रही।


वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, सुशील पहलवान रोज ठिकाना बदल रहा था। वह एक ठिकाने पर कुछ घंटे या एक दिन ही रुकता था। सुशील कुछ रिश्तेदारों के मोबाइल का इस्तेमाल कर रहा था। वह हरियाणा और यूपी से निकलकर पंजाब पहुंच गया। बृहस्पतिवार दिन और रात में उसकी लोकेशन पंजाब के कुछ जिलों में आई है। दिल्ली उत्तर-पश्चिमी जिले की कुछ टीमें सुशील को पकड़ने के लिए पंजाब में दबिश दे रही थीं। एक दिन पहले सुशील बहादुरगढ़ में देखा गया था। 


दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने पत्र भेजकर कहा है कि सुशील कुमार के खिलाफ मामला दर्ज होते समय किसी वरिष्ठ अधिकारी ने न तो किसी तरह का दबाव डाला और न केस को हल्का करने की कोशिश की थी। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता चिन्मय बिस्वाल की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि एफआईआर दर्ज करते समय विशेष आयुक्त स्तर के अधिकारी की ओर से किसी तरह का दबाव नहीं डाला गया था। पत्र में कहा गया है कि एफआईआर तथ्यों की समग्रता की पड़ताल करने के बाद उचित धाराओं में दर्ज की गई थी। बाद में जैसे-जैसे मामले की जांच में तथ्य सामने आते गए, संबंधित धाराएं 365, 302 और 120 कानूनी प्रावधान के अंतर्गत मुकदमे में सम्मिलित की गई हैं।


छत्रसाल स्टेडियम की सीसीटीवी फुटेज और आरोपी प्रिंस के मोबाइल से मिले वीडियो से पता लग रहा है कि सुशील कुमार पीड़ितों को हॉकी से पीट रहा था। फुटेज और वीडियो सुशील के खिलाफ सबसे बड़ा सबूत हैं। पुलिस ने दोनों वीडियो को जब्त कर लिया है। पुलिस ने स्टेडियम की फुटेज की फोरेंसिक जांच कराई थी। फोरेंसिक लैब ने वीडियो को सही ठहराया है। प्रिंस ने मारपीट करते हुए अपने मोबाइल से वीडियो बना लिया था। इसके अलावा स्टेडियम की फुटेज भी सही मिली है। इसके साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है।

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