अंतिम संस्कार से अपनों ने बनाई दूरी तो आरएसएस के स्वयं सेवकों ने निभाई जिम्मेदारी, हर क्रिया पूरी की

हेडलाइंस , 446

नोएडा!
 कोरोना संक्रमण के इस आपदा काल में रिश्तों की डोर भी टूटती जा रही हैं
 शवों के साथ श्मशान घाट और शवदाह गृहों तक जाने वाले अपने और अपनों की कमी पड़ रही है
अकेली महिलाएं अपने पति, पुत्र, भाई, बहन और मां को लेकर शमशान पहुंच रही हैं

नोएडा के सेक्टर-94 में स्थित अंतिम निवास में 15 स्वयं सेवकों ने इंसानियत की मिसाल पेश की
 कार्यकर्ताओं ने शवों को वाहन से उतारने से लेकर अंतिम संस्कार की क्रिया तक की पूरी जिम्मेदारी निभाई

बेसहारा लोगों के खाने-पीने और रहने का इंतजाम कर रहे हैं
कोरोना संक्रमण के इस आपदा काल में रिश्तों की डोर भी टूटती जा रही हैं। अपनेपन के धागे कमजोर होते जा रहे हैं। हालात इतने बदतर हैं कि शवों के साथ श्मशान घाट और शवदाह गृहों तक जाने वाले अपने और अपनों की कमी पड़ रही है। करीबी रिश्तेदार दूरी बना रहे हैं। कोई खुद को संक्रमित होने का जोखिम उठाने को तैयार नहीं है। अकेली महिलाएं अपने पति, पुत्र, भाई, बहन और मां को लेकर शमशान पहुंच रही हैं। वहां भी इनकी मदद करने वाले लोगों की कमी है। शवों को वाहन से उतारकर अंतिम संस्कार की क्रिया पूरी कराने तक हर जगह मदद की जरूरत है। इस मुश्किल वक्त में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्वयं सेवक मजबूत इच्छा शक्ति दिखा रहे हैं और लोगों तक मदद पहुंचा रहे हैं।


नोएडा के सेक्टर-94 में स्थित अंतिम निवास में 15 स्वयं सेवकों ने इंसानियत की मिसाल पेश की। आरएसएस के 15 स्वयं सेवक पूरे दिन अंतिम निवास में मौजूद हैं। शवों को वाहन से उतार कर अंतिम निवास के अंदर ले जा रहे थे। कार्यकर्ताओं ने शवों को वाहन से उतारने से लेकर अंतिम संस्कार की क्रिया तक की पूरी जिम्मेदारी निभाई। निस्वार्थ भाव से लकड़ियों का इंतजाम किया। चिताएं तैयार कीं और शवों का अंतिम संस्कार किया। दिन भर पार्थिव शरीर श्मशान घाट पहुंचते रहे और स्वयं सेवक उसी सेवा भाव से अपना कर्तव्य निभाते रहे। नोएडा महानगर धर्म जागरण के संयोजक अतुल कुमार सोनी ने बताया कि अंतिम निवास पर करीब 15 आरएसएस के स्वयं सेवक उपस्थित रहे। उन्होंने शव वाहन से उतारा। लकड़ियां जुटाईं।


पार्थिव शरीर को नहलाने से लेकर अंतिम क्रिया तक कराया। संघ के स्वयं सेवक इन मुश्किल हालात में इंसानियत को जिंदा रख रहे हैं। शहर में संक्रमित परिवारों की मदद से लेकर टीकाकरण केंद्रों तक वॉलंटियर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। स्वयं सेवकों ने जनपद में कई टोलियां बनाई हैं। संक्रमित परिवारों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं। बेसहारा लोगों के खाने-पीने और रहने का इंतजाम कर रहे हैं। मरीजों को अस्पताल पहुंचा रहे हैं। टीकाकरण केंद्रों पर भी वॉलंटियर स्वयं सेवक पूर्ण सेवा भाव से समर्पित हैं और लोगों की मदद कर रहे हैं। संघ से जुड़े संगठन भी लोगों की सेवा में जुटे हैं।


उन्होंने बताया कि दो महिलाएं भी आई थीं। उनके साथ कोई नहीं था। उनका अंतिम संस्कार स्वयं सेवकों को ही करना पड़ा। हालांकि उन्होंने अंतिम निवास में कुव्यवस्था पर चिंता जाहिर की। अतुल कुमार सोनी ने कहा कि पर्ची काटने की जगह पर भारी भीड़ जमा थी। अंतिम संस्कार की सामग्री भी उपलब्ध नहीं थी। लकड़ियां लाने वालों की कमी थी। आरएसएस के विद्यार्थी कार्यवाह के अखिलेश कुमार, राम चंद्र, प्रतीक सिंह, और सेवा भारती के प्रमुख पवन गुप्ता समेत 15 स्वयं सेवकों ने अपना पूरा समय दिया और सेवा मनो भाव से अपना कर्तव्य निभाया।

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