शवदाह गृह में जल्दी नंबर दिलाने के नाम पर एजेंसी ने परिजनों से 25 हजार ठगे, बदले में मिला धोखा

हेडलाइंस , 363

नोएडा!

कोरोना महामारी की इस वैश्विक आपदा में ऑक्सीजन-अस्पताल दवाई और डॉक्टर के लिए लड़ाई की जद्दोजेहद जारी है। लेकिन कुछ जालसाज इस मुश्किल वक्त में अंतिम संस्कार के नाम पर भी लोगों से जालसाजी कर रहे हैं। नोएडा के एक परिवार से ठगों ने अंत्येष्टि के नाम पर 25000 रुपये ठग लिए। लेकिन जब परिवार कोरोना से मृत पार्थिव शरीर को लेकर श्मशान घाट पहुंचा, तो उन्हें कोई व्यवस्था नहीं मिली। पीड़ित परिवार ने इसकी आईजीआरएस पर शिकायत करते हुए मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है।


नोएडा के सेक्टर-78 में रहने वाली युक्ति आर्य ने बताया कि उनके एक रिश्तेदार सेक्टर-74 अजनारा ग्रैंड में रहते थे। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित एक अस्पताल में बुधवार देर रात उनकी कोरोना से मौत हो गई। गुरुवार को शव का अंतिम संस्कार कराना था। परिजन पहले नोएडा सेक्टर-94 स्थित अंतिम निवास पहुंचे। मगर उन्हें 18 घंटे बाद का वक्त मिला। युक्ति आर्य फिटनेस ट्रेनर और फिट इंडिया मूवमेंट की ब्रांड एंबेसडर भी हैं। तब परिजनों ने अंतिम अंतिम संस्कार के लिए दूसरे शवदाह गृह की तलाश की। उन्हें ऑनलाइन एक कंपनी मिली।


परिवार ने गूगल से नंबर लेकर एजेंसी से बात की। उन्होंने गुरुवार दोपहर एक बजे का वक्त दिया।  अंतिम संस्कार के नाम पर एजेंसी ने परिवार से 25 हजार रुपये जमा करा लिए। दो घंटे बाद परिजन एंबुलेंस से शव लेकर दिल्ली की लोधी रोड स्थित श्मशान घाट पहुंचे। लेकिन वहां कंपनी की तरफ से कोई व्यवस्था नहीं हुई थी। कंपनी संचालकों ने शव को गाजीपुर श्मशान घाट लेकर जाने के लिए कहा। परिवार वहां पहुंचा, तो हालात और भी खराब थे। परिजनों ने कंपनी संचालक से बात करने की कोशिश की, तो उसने जवाब देना बंद कर दिया।


थकहार कर रिश्तेदारों ने ब्रज घाट जाने का निर्णय लिया। लेकिन यह भी आसान नहीं था। एंबुलेंस चालक ने बताया कि उसे शव नोएडा से दिल्ली लाने का पैसा मिला था। अगर ब्रज घाट ले जाना है, तो 25 हजार रुपये अतिरिक्त देने होंगे। मजबूरी में परिजनों ने एंबुलेंस को 25 हजार रुपये दिए और ब्रज घाट पहुंचे। वहां पर अपने पैसों से अंतिम संस्कार किया। पीड़ित परिजनों और रिश्तेदारों ने घटना की शिकायत मुख्यमंत्री और संबंधित अफसरों से की है।

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