राजनाथ सिंह का विपक्ष पर तीखा हमला, बोले- ‘रेजीम चेंज’ की भाषा से एजेंडा साफ, भारत में बांग्लादेश जैसी सत्ता परिवर्तन की मंशा

जनपत की खबर , 10

**लखनऊ।** रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उसकी लड़ाई मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार या एसआईआर (SIR) को लेकर नहीं है, बल्कि उसका उद्देश्य देश में सत्ता परिवर्तन करना है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से इस्तेमाल की जा रही ‘रेजीम चेंज’ की भाषा उसके एजेंडे को स्पष्ट करती है।
 
राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि विपक्ष भारत में बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन चाहता है और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करना उसकी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करने का अधिकार सभी को है, लेकिन अराजकता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती।
 
## राहुल गांधी पर साधा निशाना
 
रक्षा मंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह और विपक्ष युवाओं को अराजकता की ओर धकेलना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि देश को टकराव की नहीं, बल्कि संवाद की जरूरत है।
 
## कांग्रेस के शासनकाल के तीन घटनाक्रम गिनाए
 
राजनाथ सिंह ने कांग्रेस के शासनकाल का जिक्र करते हुए तीन घटनाओं को अक्षम्य अपराध बताया। इनमें वर्ष 1975 में लगाया गया आपातकाल, 1984 के सिख विरोधी दंगे और वर्ष 1990 में अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलाए जाने की घटना शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय सरकार बचाने के लिए ऐसे कदम उठाए गए।
 
## ‘हाइड्रोजन बम’ वाले बयान पर भी तंज
 
राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों पर कटाक्ष करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी ने इसे ‘हाइड्रोजन बम’ बताया था, लेकिन उनके मुताबिक वह दिवाली का पटाखा भी साबित नहीं हुआ।
 
उन्होंने रायबरेली लोकसभा सीट का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी समाजवादी पार्टी के समर्थन के बिना यह सीट जीत सकते हैं?
 
## पद्म पुरस्कार को लेकर सवाल पर खत्म हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस
 
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया ने राजनाथ सिंह से सवाल किया कि गोली चलवाने वाले व्यक्ति को पद्म पुरस्कार क्यों दिया गया। इस पर रक्षा मंत्री ने जवाब दिया कि इसके कई कारण थे। इसी सवाल-जवाब के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस समाप्त हो गई।
 
रक्षा मंत्री के इन बयानों से राजनीतिक गलियारों में सियासी बहस तेज होने के संकेत हैं।

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