PET-2026 की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव सख्त, 60 जिलों में 1,372 केंद्रों पर होगी परीक्षा; 35.41 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल
जनपत की खबर Oct 14, 2026 at 06:58 PM , 15**लखनऊ।** उत्तर प्रदेश में प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 को निष्पक्ष, नकलविहीन और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए शासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने 14 अक्टूबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक कर परीक्षा की तैयारियों सहित विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
## 35.41 लाख अभ्यर्थी, 60 जिलों में बनाए गए 1,372 परीक्षा केंद्र
बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार, PET-2026 का आयोजन **25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026** को प्रदेश के 60 जनपदों में निर्धारित 1,372 परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। परीक्षा के लिए कुल 35,41,297 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है।
परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी। प्रथम पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और द्वितीय पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी।
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाए। सभी नोडल अधिकारियों और कक्ष निरीक्षकों को समुचित प्रशिक्षण देने के साथ परीक्षा केंद्रों एवं कोषागारों में लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता सुनिश्चित की जाए, ताकि परीक्षा की सतत निगरानी हो सके।
## मोबाइल, ब्लूटूथ और AI चश्मे पर रहेगी सख्त नजर
परीक्षा को नकलमुक्त बनाए रखने के लिए केंद्रों के प्रवेश द्वार पर अभ्यर्थियों की सघन तलाशी लेने के निर्देश दिए गए हैं। मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्ट या AI चश्मे तथा आयोग द्वारा प्रतिबंधित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को परीक्षा केंद्रों में ले जाने से रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरती जाएगी।
मुख्य सचिव ने रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों, प्रमुख मार्गों, होटलों और रैन बसेरों पर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। अभ्यर्थियों की भारी संख्या को देखते हुए यातायात एवं भीड़ प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। महिला अभ्यर्थियों की सुरक्षा के लिए आवश्यकतानुसार हेल्पडेस्क स्थापित करने और रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों तथा परीक्षा केंद्रों के आसपास होल्डिंग एरिया विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
## पेंशनर्स को घर बैठे मिलेगा डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने का लाभ
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने पेंशनभोगियों के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान की प्रगति पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के जरिए पेंशनर्स घर बैठे अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं।
इसके लिए स्मार्टफोन में जीवन प्रमाण और आधार फेस आरडी ऐप डाउनलोड करना होगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इस सुविधा का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, खासकर उन पेंशनभोगियों के बीच जो अब तक मैन्युअल तरीके से जीवन प्रमाण पत्र जमा करते हैं।
**1 से 30 नवंबर 2026 तक राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान के तहत विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे।** मुख्य सचिव ने शिविरों के लिए नोडल अधिकारी नामित करने, स्थलों का बेहतर चयन करने और संबंधित विभाग को समय से जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। शिविरों में स्वास्थ्य जांच शिविर, जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और पात्र लाभार्थियों के पंजीकरण की व्यवस्था भी की जा सकती है।
## जल संरक्षण अभियान में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश
जल संचय-जन भागीदारी : कैच द रेन-2026 अभियान की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों और मुख्य विकास अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में तेजी लाने तथा कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनपदों को प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान भी है।
## आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के क्रियान्वयन में तेजी लाने पर जोर
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM)-उत्तर प्रदेश की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने पात्र नागरिकों की आभा (ABHA) हेल्थ आईडी बनाने के लिए लक्षित अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही, पात्र सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों तथा स्वास्थ्य पेशेवरों का संबंधित डिजिटल रजिस्ट्रियों में पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने अस्पतालों में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी इस्तेमाल पर जोर देते हुए ई-प्रिस्क्रिप्शन, मरीजों के उपचार संबंधी डिजिटल रिकॉर्ड, ऑनलाइन पंजीकरण, डॉक्टर की अपॉइंटमेंट और डिजिटल लैब रिपोर्ट जैसी सुविधाओं को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। आमजन को SMS और WhatsApp के माध्यम से ऑनलाइन जांच रिपोर्ट प्राप्त करने की सुविधा के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने जिला स्वास्थ्य समितियों की बैठकों में मिशन की नियमित समीक्षा करने, अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और क्रियान्वयन में आने वाली कमियों को निर्धारित समयसीमा में दूर करने के निर्देश दिए।
## बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में अपर मुख्य सचिव, नमामि गंगे अनुराग श्रीवास्तव, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एस.एन. साबत, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की सचिव ऋतु माहेश्वरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
**शासन का जोर स्पष्ट है—PET-2026 का सुचारु और नकलविहीन आयोजन, पेंशनर्स को डिजिटल सुविधाओं का लाभ, जल संरक्षण के लक्ष्यों की प्राप्ति और प्रदेश में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार।**






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