मिशन शक्ति की मिसाल बनीं छात्राएं: शगुन पाल बनीं एक दिन की प्रधानाचार्या, पलक ने संभाली उप प्रधानाचार्या की जिम्मेदारी
जनपत की खबर Oct 14, 2026 at 06:50 AM , 59लखनऊ। बालिकाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करने के उद्देश्य से बेसिक विद्यालय अलीनगर सुनहरा, विकास क्षेत्र नगर जोन-एक में मिशन शक्ति के तहत एक प्रेरणादायक पहल की गई। इस दौरान कक्षा सात की दिव्यांग छात्रा शगुन पाल को एक दिन की प्रधानाचार्या तथा कक्षा आठ की छात्रा पलक को एक दिन की उप प्रधानाचार्या की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस पहल ने न केवल बालिकाओं के सशक्तिकरण का संदेश दिया, बल्कि यह भी साबित किया कि अवसर मिलने पर बेटियां नेतृत्व की हर जिम्मेदारी बखूबी निभा सकती हैं।
जिम्मेदारी संभालकर पेश की नेतृत्व क्षमता की मिसाल
एक दिन की प्रधानाचार्या बनीं शगुन पाल और उप प्रधानाचार्या पलक ने विद्यालय के दैनिक कार्यों का नेतृत्व करते हुए अपनी कार्यक्षमता और निर्णय लेने की क्षमता का परिचय दिया। दोनों छात्राओं ने शिक्षकों एवं कर्मचारियों के साथ बैठक की, कक्षाओं का निरीक्षण किया, विद्यार्थियों की समस्याएं सुनीं तथा विद्यालय की शैक्षिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
उनके नेतृत्व में विद्यालय में अनुशासन, स्वच्छता और शैक्षिक गतिविधियों को लेकर सकारात्मक वातावरण देखने को मिला। विद्यालय की जिम्मेदारियों को करीब से समझने और प्रशासनिक कार्यों में भागीदारी करने का यह अनुभव छात्राओं के लिए बेहद खास रहा।
दिव्यांग छात्रा शगुन की पहल बनी प्रेरणा
कक्षा सात की दिव्यांग छात्रा शगुन पाल को प्रधानाचार्या की जिम्मेदारी सौंपना इस कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा। इस पहल ने संदेश दिया कि प्रतिभा, इच्छाशक्ति और नेतृत्व क्षमता किसी शारीरिक चुनौती की मोहताज नहीं होती। समान अवसर और उचित प्रोत्साहन मिलने पर प्रत्येक छात्रा अपनी क्षमताओं को पहचानकर आगे बढ़ सकती है।
इस अवसर पर छात्राओं ने विद्यालय संचालन की जिम्मेदारी निभाने पर खुशी और गर्व व्यक्त किया। उन्होंने मिशन शक्ति के संदेश को आगे बढ़ाने तथा बालिकाओं के आत्मविश्वास और सशक्तिकरण के लिए सकारात्मक भूमिका निभाने का संकल्प भी व्यक्त किया।
बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
विद्यालय प्रशासन के अनुसार, मिशन शक्ति के अंतर्गत इस प्रकार की गतिविधियों का उद्देश्य बालिकाओं को नेतृत्व के अवसर उपलब्ध कराना, उनमें निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना और उन्हें अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाना है। ऐसे कार्यक्रम छात्राओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के साथ-साथ समाज में उनकी सक्रिय भागीदारी को भी प्रोत्साहित करते हैं।
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक राकेश कुमार पाण्डेय ने शगुन पाल और पलक को बधाई देते हुए कहा कि मिशन शक्ति के उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे अन्य छात्राओं को भी प्रेरणा मिलेगी और वे अपने भीतर छिपी नेतृत्व क्षमता को पहचानकर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित होंगी।
कार्यक्रम ने विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों के बीच सकारात्मक संदेश दिया। बेटियों को जिम्मेदारी, सम्मान और समान अवसर देकर ही सशक्त समाज की नींव रखी जा सकती है। बेसिक विद्यालय अलीनगर सुनहरा की यह पहल इसी सोच को मजबूती प्रदान करती है कि आज की जागरूक और आत्मविश्वासी छात्राएं ही कल के सशक्त नेतृत्व की आधारशिला बनेंगी।








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