दिव्यांगजनों के लिए बड़ी खुशखबरी! पेंशन की पात्रता 80% से घटाकर 40% करने को मंजूरी, जन्म से मिलेगा दायरे में आने का लाभ
राष्ट्रीय Oct 14, 2026 at 06:52 PM , 14**नई दिल्ली।** दिव्यांगजनों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना के तहत दिव्यांगजन पेंशन के लिए पात्रता मानदंडों में बदलाव को मंजूरी दी है। इसके तहत बेंचमार्क दिव्यांगता की सीमा 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है। साथ ही, पेंशन के लिए न्यूनतम आयु की शर्त को समाप्त करते हुए जन्म से ही पात्रता का प्रावधान किया गया है।
## अब 40% दिव्यांगता वाले भी होंगे पात्र
नई व्यवस्था का उद्देश्य अधिक से अधिक जरूरतमंद दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है। पात्रता मानदंड में बदलाव से उन लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो पहले निर्धारित दिव्यांगता सीमा के कारण इस योजना का लाभ नहीं उठा पाते थे।
## जन्म से ही पात्रता का प्रावधान
पहले राष्ट्रीय दिव्यांगजन पेंशन योजना के तहत निर्धारित आयु और अन्य शर्तें लागू थीं। अब नई व्यवस्था में जन्म से ही पात्रता का प्रावधान किया गया है। इससे पात्र दिव्यांग बच्चों और उनके परिवारों को भी आर्थिक सहायता की व्यवस्था से जोड़ने का रास्ता खुलेगा।
## कितनी मिलेगी पेंशन?
केंद्र सरकार की घोषणा के अनुसार, नई व्यवस्था में दिव्यांगजन पेंशन के तहत केंद्रीय सहायता की राशि भी निर्धारित की गई है।
- **0 से 79 वर्ष की आयु तक:** 375 रुपये प्रतिमाह।
- **80 वर्ष और उससे अधिक आयु:** 625 रुपये प्रतिमाह।
योजना के विस्तृत दिशा-निर्देश जारी होने के बाद पात्रता और क्रियान्वयन संबंधी प्रावधानों के अनुसार लाभ दिया जाएगा।
## तीन महीने में लागू करने की तैयारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 53,428 करोड़ रुपये के कुल बजट को मंजूरी दी है। सरकार के अनुसार, इस निर्णय से विभिन्न सामाजिक सहायता योजनाओं के तहत देशभर में लगभग 3.20 करोड़ लाभार्थियों को फायदा होगा। यह संख्या केवल दिव्यांगजन पेंशन के लाभार्थियों की नहीं, बल्कि संबंधित सामाजिक सहायता व्यवस्था के कुल लाभार्थियों की है।
सरकार ने पात्रता में बदलाव और सहायता राशि से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश तीन महीने के भीतर जारी कर लागू करने का लक्ष्य रखा है।
**दिव्यांगजनों के लिए यह फैसला सामाजिक सुरक्षा को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।** इससे पात्र व्यक्तियों को आर्थिक सहारा देने और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने में मदद मिलने की उम्मीद है।






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