तीन अगस्त को ड्यूटी के लिए निकला था ज्ञानेंद्र, चार दिन बाद कार में मिला शव

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सालेहनगर चौराहे के पास लावारिस कार से निकली दुर्गंध तो खुला राज, हत्या की आशंका; पुलिस चौकी से महज 200 मीटर दूर खड़ी थी कार

लखनऊ। आशियाना के सालेहनगर चौराहे के पास सड़क किनारे चार दिन से लावारिस हालत में खड़ी कार से बृहस्पतिवार देर रात तेज दुर्गंध आने पर सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार का गेट खोला तो पिछली सीट पर 35 वर्षीय युवक का सड़ा हुआ शव पड़ा मिला। मृतक की पहचान मूलरूप से रायबरेली के बरहा निवासी ज्ञानेंद्र सिंह के रूप में हुई। वह एक निजी कंपनी में लोन संबंधी काम करते थे और करीब डेढ़ माह से बंगला बाजार के देवीखेड़ा में किराये के मकान में पत्नी व तीन वर्षीय बेटी के साथ रह रहे थे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ज्ञानेंद्र की मौत सिर में चोट लगने से होने की पुष्टि हुई है। इसके बाद मामले में हत्या की आशंका गहरा गई है। हालांकि परिजनों ने अभी किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। पुलिस हत्या समेत सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

तीन अगस्त को ड्यूटी के लिए निकले थे

परिजनों के मुताबिक ज्ञानेंद्र तीन अगस्त को अपनी कार से ड्यूटी पर जाने की बात कहकर घर से निकले थे। काम के सिलसिले में उनका अक्सर दो-तीन दिन तक घर से बाहर रहना होता था, इसलिए शुरुआत में परिजनों को उनके वापस न लौटने पर ज्यादा चिंता नहीं हुई। लेकिन बृहस्पतिवार सुबह तक जब वह घर नहीं पहुंचे और उनका मोबाइल फोन भी बंद मिला तो परिवार ने उनकी तलाश शुरू की।
काफी खोजबीन के बाद भी ज्ञानेंद्र का कोई पता नहीं चला। इसी बीच देर रात सालेहनगर चौराहे के पास सड़क किनारे खड़ी कार से तेज दुर्गंध आने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और कार का गेट खोला तो पिछली सीट पर ज्ञानेंद्र का शव मिला। शव दो-तीन दिन पुराना होने के कारण बुरी तरह सड़ चुका था।

पुलिस चौकी से सिर्फ 200 मीटर दूर खड़ी थी कार

इस घटना ने पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सालेहनगर चौराहे से करीब 200 मीटर की दूरी पर बंगला बाजार पुलिस चौकी है। इसके बावजूद ज्ञानेंद्र की कार कई दिनों तक सड़क किनारे लावारिस हालत में खड़ी रही और पुलिस को इसकी जानकारी नहीं हो सकी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कार से दुर्गंध नहीं आती तो शायद शव के अंदर होने का पता ही नहीं चलता। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कार इतनी देर तक उसी स्थान पर क्यों खड़ी रही और आसपास के लोगों ने इसे पहले क्यों नहीं देखा।

घर और ससुराल भी घटनास्थल के आसपास

ज्ञानेंद्र के किराये के मकान और उनके ससुराल की दूरी घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर के दायरे में बताई जा रही है। ऐसे में पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि तीन अगस्त को घर से निकलने के बाद ज्ञानेंद्र कहां-कहां गए और आखिरी बार किन लोगों के संपर्क में थे।
आशियाना इंस्पेक्टर गजेंद्र कुमार ने बताया कि ज्ञानेंद्र करीब डेढ़ माह से देवीखेड़ा में किराये के मकान में रह रहे थे। परिजनों ने फिलहाल किसी के खिलाफ आरोप नहीं लगाया है। पोस्टमार्टम में सिर में चोट लगने से मौत की पुष्टि हुई है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी जा रही है।
हत्या की आशंका, कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
सिर में चोट लगने से मौत की पुष्टि के बाद पुलिस के सामने कई सवाल हैं। ज्ञानेंद्र के सिर में चोट कैसे लगी? वह कार की पिछली सीट पर कैसे पहुंचे? कार को सालेहनगर चौराहे के पास किसने खड़ा किया? तीन अगस्त से उनकी मौत का पता चलने तक वह किन लोगों के संपर्क में थे? पुलिस इन सवालों के जवाब तलाश रही है।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ ही ज्ञानेंद्र की मौत की असली वजह और इसके पीछे की कहानी सामने आने की उम्मीद है।

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