उत्तर प्रदेश में आलू की बंपर पैदावार की संभावना, भंडारण सुविधाएं पर्याप्त: उद्यान विभाग
अन्य खबरे Jan 09, 2026 at 03:54 PM , 120लखनऊ। उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख आलू उत्पादक राज्यों में अग्रणी स्थान रखता है। प्रदेश में लगभग 6 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में आलू की खेती की जाती है और इस वर्ष भी गत वर्ष की भांति अच्छी उपज होने की संभावना जताई जा रही है। उत्पादन अधिक होने के कारण उत्तर प्रदेश से देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों में भी आलू की आपूर्ति की जाती है।
प्रदेश की मंडियों में नए आलू की आवक सामान्यतः मध्य दिसंबर से शुरू हो जाती है। नए आलू का छिलका पूर्ण रूप से परिपक्व न होने के कारण यह भंडारण योग्य नहीं होता और मुख्य रूप से भोज्य आलू के रूप में ही उपभोग किया जाता है। मंडियों में नए आलू की अधिक आवक होने से मांग–आपूर्ति के सिद्धांत के अनुसार बाजार भाव पर असर पड़ना स्वाभाविक है।
वर्तमान में प्रदेश में कुल 2243 निजी शीतगृह संचालित हैं, जिनकी कुल भंडारण क्षमता लगभग 192 लाख मीट्रिक टन है। वर्ष 2025 में लगभग 159 लाख मीट्रिक टन आलू का भंडारण किया गया था, जबकि करीब 33 लाख मीट्रिक टन भंडारण क्षमता अभी भी उपलब्ध रही। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश में आलू के भंडारण के लिए पर्याप्त सुविधाएं मौजूद हैं। शीतगृहों में आलू भंडारण का कार्य सामान्यतः मध्य फरवरी से प्रारंभ होता है।
इस संबंध में उद्यान विभाग, उत्तर प्रदेश के निदेशक भानु प्रकाश राम ने आलू उत्पादक किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी उपज की खुदाई, विपणन एवं भंडारण की समुचित योजना पहले से बनाएं। उन्होंने कहा कि बाजार भाव की अनुकूलता को ध्यान में रखते हुए आलू का विक्रय या भंडारण कर किसान अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकते हैं।



























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