पर्यटन बढ़ा तो खुले आय के नए द्वार: यूपी बेड एंड ब्रेकफास्ट व होमस्टे नीति-2025 से स्थानीय लोगों को मिलेगा लाभ

जनपत की खबर , 137

लखनऊ।
उत्तर प्रदेश में पर्यटन के तेजी से बढ़ते ग्राफ के साथ ही ठहरने की सुविधाओं की मांग भी लगातार बढ़ रही है। खासकर लखीमपुर खीरी, पीलीभीत और बहराइच जैसे वन्यजीव अभयारण्यों से जुड़े जिलों में स्थानीय निवासियों के लिए आय के नए अवसर विकसित हो रहे हैं। अब लोग अपने घरों के अतिरिक्त कमरों को पर्यटकों के लिए उपलब्ध कराकर अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं।
इसी उद्देश्य से पर्यटन विभाग ने उत्तर प्रदेश बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे नीति-2025 लागू की है, जिसमें पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाया गया है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग इस नीति का लाभ उठाएं।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि ऐसे आवासीय भवन, जिनमें भूस्वामी स्वयं निवास करता हो और उसके पास उपयोग के बाद अतिरिक्त कमरे उपलब्ध हों, उन्हें पर्यटकों को ठहराने के लिए पंजीकृत कराया जा सकता है। एक इकाई में अधिकतम छह कमरे (कुल 12 बेड) की अनुमति होगी।
वहीं, ऐसे आवासीय भवन जिनमें भूस्वामी स्वयं निवास नहीं करता है और जिनमें एक से छह कमरे उपलब्ध हैं, उन्हें भी बेड एंड ब्रेकफास्ट इकाई के रूप में पंजीकृत किया जा सकता है। इस स्थिति में एक केयरटेकर की नियुक्ति अनिवार्य होगी, जो इकाई के संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी निभाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी यह नीति लागू होगी। ऐसे मकान, जिनमें भूस्वामी स्वयं निवास करता हो और अतिरिक्त कमरे उपलब्ध हों, वहां भी अधिकतम छह कमरे (12 बेड) तक पर्यटकों को ठहराने की अनुमति होगी।
जयवीर सिंह ने बताया कि बी एंड बी एवं होमस्टे इकाइयों का पंजीकरण पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी और सरल प्रक्रिया के माध्यम से किया जा सकता है। नई एवं पहले से संचालित दोनों प्रकार की इकाइयां निर्धारित पोर्टल पर जाकर पंजीकरण करा सकती हैं, जिससे उन्हें पर्यटन विभाग के रिकॉर्ड में शामिल किया जाएगा और नीति के अंतर्गत सभी लाभ प्राप्त होंगे। पंजीकरण के लिए आधिकारिक पोर्टल है:
https://up.tourismportal.in/application/bnb/login
पर्यटन मंत्री ने कहा कि सरकारी प्रयासों के चलते उत्तर प्रदेश में ईको-टूरिज्म ने सशक्त पहचान बनाई है। इसका प्रमाण वन एवं सीमावर्ती जिलों में बढ़ता पर्यटक आगमन है। वर्ष 2025 में जनवरी से जून तक लखीमपुर खीरी में 11.36 लाख से अधिक, पीलीभीत में लगभग 24 लाख और बहराइच में 1.59 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे।
पर्यटकों की बढ़ती संख्या के साथ गुणवत्तापूर्ण ठहराव की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में उत्तर प्रदेश बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे नीति-2025 स्थानीय निवासियों के लिए स्वरोजगार और आय वृद्धि के नए अवसर खोल रही है।

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