*मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राष्ट्रीय पंचायत विकास सूचकांक की राज्य स्तरीय निगरानी समिति की बैठक संपन्न*

जनपत की खबर , 141

*पंचायत विकास सूचकांक पंचायतों के राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर समग्र विकास प्रदर्शन तथा प्रगति का सटीक आकलन करने का एक प्रभावी माध्यम*

*पोर्टल पर पूर्णतः सटीक, त्रुटिरहित एवं समयबद्ध ढंग से किया जाए डेटा अंकन*

*एस.पी.गोयल,*
*मुख्य सचिव*

*दिनांक : 10 दिसंबर, 2025*

*लखनऊ।* मुख्य सचिव श्री एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में आज राष्ट्रीय पंचायत विकास सूचकांक (पीडीआई) की राज्य स्तरीय निगरानी समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
          बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि पंचायत विकास सूचकांक पंचायतों के राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर समग्र विकास प्रदर्शन तथा प्रगति का सटीक आकलन करने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को पोर्टल पर पूर्णतः सटीक, त्रुटिरहित एवं समयबद्ध ढंग से डेटा अंकन करने के निर्देश दिए। 
          उन्होंने कहा कि प्राप्त स्कोर एवं आंकड़ों के आधार पर पंचायतों में विकास संबंधी कमियों की पहचान कर लक्षित विकास योजनाएं तैयार की जाएं तथा पंचायतों के बीच बेहतर प्रदर्शन के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने विषय में पंचायतों को संवेदनशील एवं जागरूक बनाने पर भी विशेष बल दिया।
          उन्होंने विभागीय अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि विभागीय विभिन्न डेटा स्रोतों से API इंटीग्रेशन शीघ्र पूर्ण किया जाए ताकि पोर्टल पर सूचनाएं स्वतः ही पॉपुलेट हो जाएं और बार-बार मैन्युअल डेटा एंट्री की आवश्यकता न पड़े।
          बैठक में अवगत कराया गया कि राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) योजना के अंतर्गत पंचायत विकास सूचकांक का मूल उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में व्याप्त असमानताओं की पहचान करना, सतत विकास लक्ष्यों की प्रगति का मूल्यांकन करना तथा ग्रामीण जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार हेतु नीतियां बनाने में सहायता करना है। इसका मुख्य लक्ष्य गरीबी मुक्त एवं आजीविका संपन्न गांवों का निर्माण करना, स्वस्थ गांवों का विकास करना, बाल हितैषी पंचायतों की स्थापना करना, जल संपन्न पंचायतों का सृजन करना, स्वच्छ एवं हरित पंचायतों को बढ़ावा देना, आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचे से युक्त पंचायतों का निर्माण करना, सामाजिक न्याय एवं सुरक्षित पंचायतों को प्रोत्साहित करना तथा सुशासन और महिला हितैषी पंचायतों के माध्यम से समग्र विकास को गति प्रदान करना है। बेहतर प्रदर्शन करने वाली ग्राम पंचायतों को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित भी किया जाएगा।
         बैठक में यह भी बताया गया कि इस वर्ष राज्य की 57,691 ग्राम पंचायतों द्वारा 11 प्रारूपों में डेटा पोर्टल पर सफलतापूर्वक अपलोड किया गया। सभी 11 सहयोगी विभागों के नोडल अधिकारियों द्वारा सत्यापन उपरांत ब्लॉक स्तर से डेटा जनपद को भेजा गया तथा जनपद स्तर पर सत्यापन के बाद 57,689 ग्राम पंचायतों का अंतिम डेटा राज्य स्तर पर प्राप्त हुआ जिसे राज्य सरकार द्वारा पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार को पोर्टल के माध्यम से पूर्ण रूप से साझा करने की कार्यवाही सफलतापूर्वक संपन्न कर ली गई है।
         बैठक में अपर मुख्य सचिव महिला कल्याण श्रीमती लीना जौहरी, अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा श्री पार्थ सारथी सेन शर्मा, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री अमित कुमार घोष, प्रमुख सचिव पशुधन श्री मुकेश कुमार मेश्राम, प्रमुख सचिव पंचायतीराज श्री अनिल कुमार, प्रमुख सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रानिक्स श्री अनुराग यादव, निदेशक पंचायतीराज श्री अमित कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे। 
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