अब SC/ST एक्ट का दुरुपयोग करने वालों की खैर नहीं!

जनपत की खबर , 183

लखनऊ कोर्ट का बड़ा फैसला!

अब SC/ST एक्ट का दुरुपयोग करने वालों की खैर नहीं! 

एक महिला को झूठी FIR दर्ज कराने पर 3 साल 6 महीने की जेल की सजा —
कोर्ट ने कहा “अब सिर्फ FIR दर्ज होने से मुआवजा नहीं मिलेगा,
पहले चार्जशीट और सबूत ज़रूरी हैं।”

जज विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने कहा —
“सरकार का पैसा ईमानदार टैक्सपेयर्स की कमाई है,
इसे ऐसे लोगों को नहीं दिया जा सकता जो कानून का दुरुपयोग करते हैं।”

उन्होंने कहा कि सिर्फ FIR दर्ज होने से मामला साबित नहीं होता,
क्योंकि आपराधिक मामला तब “रूप लेता है” जब चार्जशीट दाखिल होती है।
यह केस 3 अगस्त 2019 का है।
महिला ने माल थाना क्षेत्र में तीन लोगों पर छेड़छाड़ और चेन स्नैचिंग का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई थी।
उसने कहा था कि वह अपने मामा के घर से लौट रही थी जब तीन लोगों ने उस पर हमला किया।

लेकिन जांच में सच्चाई कुछ और ही निकली —
मालियाबाद के सर्कल ऑफिसर ने जब केस की तहकीकात की,
तो पता चला कि ऐसा कोई वाकया हुआ ही नहीं था! 

जांच में सामने आया कि FIR निजी दुश्मनी और राजनीतिक रंजिश में दर्ज कराई गई थी।
और सबसे चौंकाने वाली बात —
महिला ने खुद कोर्ट में कबूल किया कि उसने यह केस “बदले की भावना” से दर्ज कराया था!

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