महिलाओं के हाथों बनेगा राष्ट्रगौरव का प्रतीक तिरंगा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती : श्री केशव प्रसाद मौर्य
जनपत की खबर Jul 30, 2026 at 02:30 PM , 252 करोड़ तिरंगों के निर्माण में जुटेंगी स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं
हर घर तिरंगा अभियान में महिला शक्ति की भागीदारी से मजबूत होगा आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का संकल्प
तिरंगे के सम्मान के साथ महिलाओं के श्रम और स्वाभिमान को भी मिलेगा नया सम्मान
राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगेगा उत्तर प्रदेश, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं तैयार करेंगी 2 करोड़ तिरंगे
‘हर घर तिरंगा’ से जुड़ेगा जन-जन, महिला समूहों को मिलेगा रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर
‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’ में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं तैयार करेंगी 2 करोड़ तिरंगे
तिरंगा निर्माण से ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा रोजगार, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति
उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा—‘हर घर तिरंगा’ राष्ट्रभक्ति, जनभागीदारी और महिला सशक्तिकरण का सशक्त अभियान
लखनऊ: 30 जुलाई, 2026
उत्तर प्रदेश में आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत आयोजित किए जा रहे ‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’ को जनभागीदारी, राष्ट्रप्रेम और महिला सशक्तिकरण के उत्सव के रूप में व्यापक स्तर पर सफल बनाने की तैयारियां उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के दिशा-निर्देशन में तेज कर दी गई हैं। अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए निर्धारित 2 करोड़ तिरंगों का निर्माण उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान पर प्रारंभ हुआ ‘हर घर तिरंगा अभियान’ आज जन-जन के मन में राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और तिरंगे के प्रति सम्मान की भावना को और अधिक सशक्त करने वाला जनआंदोलन बन चुका है। यह अभियान देश की एकता, अखंडता और गौरवशाली राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं केवल तिरंगे का निर्माण ही नहीं कर रही हैं, बल्कि अपने श्रम, कौशल और आत्मविश्वास के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत तथा विकसित भारत के संकल्प को भी साकार कर रही हैं। ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित तिरंगा उनके आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी का भी प्रतीक बनेगा।
उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’ महिलाओं के लिए रोजगार एवं आय के नए अवसर सृजित करने के साथ-साथ उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि तिरंगों का निर्माण भारतीय ध्वज संहिता के निर्धारित मानकों के अनुरूप हो तथा स्वयं सहायता समूहों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से भुगतान प्राप्त हो।
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक श्री अरुण कुमार ने प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों को अभियान के सफल संचालन के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के अनुसार स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित तिरंगों की गुणवत्ता, भारतीय ध्वज संहिता के मानकों का अनुपालन, समयबद्ध आपूर्ति तथा समूहों को नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित कराया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि गत वर्ष ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े स्वयं सहायता समूहों द्वारा 2 करोड़ से अधिक तिरंगों का सफलतापूर्वक निर्माण किया गया था। इसी उल्लेखनीय सफलता को देखते हुए वर्ष 2026 में भी ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 2 करोड़ तिरंगों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अभियान के प्रभावी संचालन और सतत निगरानी के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय समिति गठित की जाएगी। समिति में मुख्य विकास अधिकारी, उपायुक्त स्वतः रोजगार तथा जिलाधिकारी द्वारा नामित दो अन्य सदस्य शामिल होंगे। यह समिति तिरंगों के निर्माण से लेकर उनकी आपूर्ति और स्वयं सहायता समूहों को भुगतान किए जाने तक की समस्त कार्यवाही का नियमित अनुश्रवण करेगी।
जनपदों में तिरंगा निर्माण के लिए दैनिक लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे तथा स्वयं सहायता समूहों द्वारा प्रतिदिन निर्मित तिरंगों की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि जनपदवार निर्धारित लक्ष्य समय से पूर्ण किए जा सकें। तिरंगा निर्माण का कार्य अधिक से अधिक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कराया जाएगा। इस कार्य में किसी भी अन्य व्यक्ति, संस्था अथवा ठेकेदार को शामिल नहीं किया जाएगा।
तिरंगों का निर्माण भारतीय ध्वज संहिता के निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाएगा। झण्डा आयताकार तथा 3:2 के अनुपात में होगा। इसमें केसरिया, सफेद और हरे रंग का निर्धारित मानकों के अनुसार प्रयोग किया जाएगा तथा सफेद पट्टी के मध्य 24 तीलियों वाला अशोक चक्र अंकित किया जाएगा। तिरंगा खादी, हाथ से कते अथवा मशीन से बने सूती, पॉलिएस्टर, ऊनी अथवा सिल्क जैसे अनुमन्य कपड़ों से तैयार किया जाएगा। निर्माण के दौरान राष्ट्रध्वज की गरिमा, सम्मान और ध्वज संहिता के सभी प्रावधानों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित तिरंगों की आपूर्ति उपायुक्त स्वतः रोजगार के माध्यम से सीधे ग्राम पंचायतों को कराई जाएगी। आवश्यकता के अनुसार जिलाधिकारी द्वारा नामित विभागों अथवा संस्थाओं को भी तिरंगे उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रत्येक आपूर्ति के लिए विधिवत प्राप्ति रसीद प्राप्त की जाएगी, जिससे आपूर्ति और भुगतान की प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
समूहों द्वारा आपूर्ति किए गए तिरंगों की संख्या का प्राप्ति रसीदों से मिलान करने के उपरांत स्वयं सहायता समूहों के बैंक खातों में ऑनलाइन, आरटीजीएस अथवा पीएफएमएस के माध्यम से भुगतान कराया जाएगा। सभी मुख्य विकास अधिकारियों को 31 अगस्त, 2026 तक भुगतान की समस्त कार्यवाही पूर्ण करने तथा 5 सितम्बर, 2026 तक इसकी सूचना मिशन मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप तिरंगों की आपूर्ति 12 अगस्त, 2026 की सायं तक प्रत्येक दशा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं। पूर्व में तिरंगा निर्माण का कार्य सफलतापूर्वक करने वाले स्वयं सहायता समूहों एवं महिला सदस्यों को प्राथमिकता देते हुए तत्काल सक्रिय किया जाएगा। साथ ही, लक्ष्य को समय से पूरा करने के लिए अधिक संख्या में कुशल एवं सक्षम स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
निर्देशों में यह भी कहा गया है कि स्वयं सहायता समूहों को किसी प्रकार की वित्तीय हानि न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। निर्धारित लक्ष्य के अतिरिक्त निर्मित तिरंगों की बिक्री स्थानीय प्रशासन, स्थानीय बाजारों और मोहल्लों में भी की जा सकेगी। सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित लोगों को भी स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित तिरंगे खरीदने तथा अपने घरों पर सम्मानपूर्वक फहराने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे ‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’ में उत्साहपूर्वक भाग लें, अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर राष्ट्रध्वज का सम्मानपूर्वक ध्वजारोहण करें तथा भारतीय ध्वज संहिता में निर्धारित नियमों का पूर्ण पालन करें। उन्होंने कहा कि यह अभियान प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र के गौरव और सम्मान से जोड़ने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि “हमारा तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। हर घर पर तिरंगा केवल राष्ट्रध्वज का ध्वजारोहण नहीं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता, लोकतांत्रिक मूल्यों और विकसित राष्ट्र के संकल्प के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति है।”
‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’ के माध्यम से जहां प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान, राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना को और अधिक सशक्त किया जाएगा, वहीं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को रोजगार एवं आय के अवसर उपलब्ध कराकर उनके आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को भी नई गति मिलेगी।































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