महाराष्ट्र-मालेगांव बम ब्लास्ट घटना के 17 सालों के बाद सातों आरोपी को निर्दोष करार देते हुए बाइज्जत बरी किया।

जनपत की खबर , 234

महाराष्ट्र-मालेगांव बम ब्लास्ट घटना के 17 सालों के बाद गुरूवार को आरोपियों पर कोर्ट के सुनाए गये फैसले में अदालत ने सातों आरोपी को निर्दोष करार देते हुए बाइज्जत बरी किया। मालेगांव में 29 सितंबर 2008 को धमाका हुआ था। केस में 7 मुख्य आरोपी थे, इनमें पूर्व भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, कर्नल प्रसाद पुरोहित, रमेश उपाध्याय, अजय राहिरकर, सुधाकर चतुर्वेदी, समीर कुलकर्णी और सुधाकर धर द्विवेदी शामिल थे। कोर्ट ने यह भी माना की भगवा आतंकवाद के नाम पर  हिंदू धर्म को बदनाम करने की कोशिश भी की गई। 17 साल पहले बम ब्लास्ट की घटना में 6 लोगों की मौत हुई और 100 से ज्यादा घायल हुए थे उन लोगों को न्याय कब मिलेगा? पीड़ितों के वकील शाहिद नवीन अंसारी ने कहा- हम एनआईए कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे। इस मामले में जांच एजेंसियां और सरकार फेल हुई है। जज लाहोटी ने कहा कि धमाका हुआ था, लेकिन यह साबित नहीं हुआ कि बम साध्वी प्रज्ञा की नाम वाली मोटरसाइकिल में रखा था। यह भी साबित नहीं हो सका कि कर्नल प्रसाद पुरोहित ने बम बनाया। केस की शुरुआती जांच महाराष्ट्र ATS ने की थी, 2011 में केस NIA को सौंप दिया गया था। NIA ने 2016 में चार्जशीट दाखिल की थी, केस में निर्णय आने तक 3 जांच एजेंसियां और 4 जज बदल चुके हैं।

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