CLC का संचालन आजीविका सखी द्वारा कराया जाना प्रस्तावित

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*लखनऊ ।

  *परियोजना अधिकारी डूडा लखनऊ ने बताया है कार्यालय जिला नगरीय विकास अभिकरण लखनऊ के अन्तर्गत दीनदयाल अन्त्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) के घटक सामाजिक गतिशीलता एवं संस्थागत विकास के अन्तर्गत शहरी विशेषकर महिलाओं को सशक्त कर आर्थिक स्वावलम्बन हेतु उनको गतिशील कर समूहों में सगठित किया गया है। शहरी गरीबों को रोजगार से सम्बद्ध किये जाने आदि विभिन्न प्रकार की सेवाएं प्रदान किये जाने के उद्देश्य से शहरी आजीविका केन्द्रों (CLCs) की स्थापना की गयी है। वर्तमान में इन गठित समूहों के संघों से चयनित की जाने वाली आजीविका सखी ALE/CLE के माध्यम से CLC का संचालन आजीविका सखी द्वारा कराया जाना प्रस्तावित है।*
       *उन्होंने बताया है कि आजीविका सखी चयन हेतु मानक निम्नवत हैं:- आजीविका सखी चयन के लिए इच्छुक महिलाओं का CRP में चयन / सूचीबद्धता अनिवार्य अर्हता है। आजीविका सखी जिस समूह से सम्बद्ध हो यह अनिवार्य रूप से न्यूनतम 02 वर्ष पूर्व गठित हुआ हो।*
      *आजीविका सखी की समूह बैठकों में।75 प्रतिशत उपस्थिति विगत वर्षों में एवं ALF/CLF की बैठकों में भी न्यूनतम उपस्थिति 75 प्रतिशत रही हों। आजीविका सखी CLC वाले शहर/निकाय/जोन के ALF/CLF की सदस्य हों। महिला ने समूह/एएलएफ से आन्तरिक ऋण लिया हो तथा न्यूनतम 70 प्रतिशत ऋण राशि की वापसी कर चुकी हो। वापसी दर भी 70 प्रतिशत से कम न हो। चयनित सदस्यों/ सखी को न्यूनतम इन्टरमीडिएट पास होना अनिवार्य है ताकि शहरी आजीवका केन्द्रों का लेखा-जोखा अभिलेखीकरण हो सके। चयनित सखी की सम्बद्धता कराये एएलएफ को आर०एफ० अवमुक्त हुआ हो तथा बचत की धनराशि को सम्मिलित कर न्यूनतम रू0 1,00,000 की उनके खाते में उपलब्धता हो ताकि आरम्भ में सीएलसी के दैनिक कार्यों का सम्पादन किया जा सके। मोबाइल एप एवं वाट्सअप चलाने में निपुणता हो।कोई अपराधिक पृष्ठभूमि नहीं हो।*
         *उपरोक्त कार्य हेतु इच्छुक ALF/CLF से सम्बद्ध महिलायें अपने आवेदन दिनाँक 17 सितम्बर 2024 तक जिला नगरीय विकास अभिकरण डूडा, कार्यालय में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। अपूर्ण/अस्पष्ट आवेदन मान्य नहीं होंगे एवं निर्धारित तिथि के उपरान्त आवेदन स्वीकार नहीं किये जायेंगे।

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