अपराध पर जीरो टॉलरेंस, सड़क दुर्घटनाओं पर कड़ा प्रहार: डीजीपी राजीव कृष्ण की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, 55 जिलों में लागू होगा Zero Fatality अभियान

लखनऊ , 127

लखनऊ।
पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश श्री राजीव कृष्ण ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें प्रदेश की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और सड़क सुरक्षा से जुड़े अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक की शुरुआत राज्य स्तरीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सम्मेलन “पुलिस मंथन-2025” के सफल आयोजन पर सभी अधिकारियों को बधाई देकर की गई। डीजीपी ने बताया कि सम्मेलन के 11 सत्रों में रखे गए सभी सुझावों एवं प्रस्तावों को माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश द्वारा सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्रस्तावों का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
अपराध और माफिया पर सख्ती, कोई ढिलाई नहीं
मुख्यमंत्री की अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में चिन्हित अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ कठोर, प्रभावी और निरंतर वैधानिक कार्रवाई जारी रखी जाए। अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
मिशन शक्ति केंद्रों से बेहतर परिणाम
डीजीपी ने मिशन शक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए कहा कि इनके माध्यम से महिला एवं बालिका सुरक्षा, जागरूकता और जनसंवाद में सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। मिशन शक्ति अभियानों से पुलिस की छवि में सुधार हुआ है और जनता के साथ विश्वास का संबंध मजबूत हुआ है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जिलों और कमिश्नरेट में सफल योजनाओं को अपनाकर मिशन शक्ति केंद्रों को और अधिक संवेदनशील, प्रभावी एवं जनोपयोगी बनाया जाए।
Zero Fatality अभियान पूरे प्रदेश में लागू
Zero Fatality District (ZFD) अभियान के प्रथम चरण में प्रदेश के 20 जनपदों में उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। इसे देखते हुए डीजीपी ने निर्देश दिया कि द्वितीय चरण में यह अभियान प्रदेश के शेष 55 जनपदों में भी लागू किया जाएगा। सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को न्यूनतम करने के लिए जागरूकता, तकनीकी उपायों और प्रवर्तन को और अधिक मजबूत किया जाएगा।
यक्ष ऐप से अपराध नियंत्रण को मिलेगी नई धार
राज्य स्तरीय सम्मेलन के दौरान लॉन्च किए गए यक्ष ऐप की समीक्षा करते हुए डीजीपी ने बताया कि इसमें ऑपरेशन पहचान, ऑपरेशन त्रिनेत्र, बीट प्रहरी सहित कई अभियानों को एकीकृत किया गया है। ऐप के संचालन हेतु जारी एसओपी का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
डीजीपी ने कहा कि यक्ष ऐप में AI आधारित फेसियल रिकग्निशन और AI आधारित वॉयस सर्च जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो अपराधियों की पहचान, घटनाओं के शीघ्र अनावरण और अपराध की रोकथाम में सहायक होंगी। उन्होंने सभी स्तरों पर डाटा की जांच, प्रशिक्षण और फील्ड में प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
जनसेवा और विश्वसनीयता होगी प्राथमिकता
पुलिस महानिदेशक ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से अनुपालन करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यक्षमता, विश्वसनीयता और जनसेवा की गुणवत्ता को निरंतर सुदृढ़ किया जाए।

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