18 जनवरी को प्रदेशभर में मतदाता सूची का सार्वजनिक वाचन, लापरवाही पर सख्ती: मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा
लखनऊ Jan 13, 2026 at 09:30 PM , 81लखनऊ।
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा ने विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत मतदाता सूची से संबंधित कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं। बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी शामिल हुए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिया कि 18 जनवरी 2026 को प्रदेश के सभी मतदान केंद्रों पर मिशन मोड में मतदाता सूची का सार्वजनिक वाचन कराया जाए। इस दिन बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) अपने-अपने बूथ पर उपस्थित रहकर आलेख्य मतदाता सूची को दोबारा पढ़ेंगे और उपस्थित मतदाताओं को सुनाएंगे। इस कार्य में राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंटों, संबंधित क्षेत्र के पार्षदों एवं ग्राम प्रधानों का सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाता जागरूकता के लिए इस अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक मतदाता उपस्थित होकर अपनी प्रविष्टियों का सत्यापन कर सकें। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी बीएलओ के पास फॉर्म-6 (घोषणा पत्र सहित), फॉर्म-7 एवं फॉर्म-8 पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हों।
फॉर्म भरते समय वर्तनी की त्रुटियों पर विशेष सतर्कता
श्री रिणवा ने निर्देश दिया कि फॉर्म-6 ऑफलाइन भरवाते समय मतदाता का नाम, पता एवं अन्य विवरण मतदाता की उपस्थिति में हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में भरवाए जाएं, जिससे किसी भी प्रकार की वर्तनी संबंधी त्रुटि न रहे। इसी प्रकार ऑनलाइन फॉर्म-6 भरे जाने की स्थिति में सत्यापन के दौरान बीएलओ मतदाता से उसका नाम हिंदी में भी लिखवाएं।
‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’ में देरी पर जवाबदेही तय
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बुक ए कॉल विद बीएलओ सुविधा की समीक्षा करते हुए 48 घंटे से अधिक समय तक लंबित मामलों पर गहरी नाराजगी जताई। 48 घंटे से अधिक समय तक 10 से ज्यादा लंबित प्रकरणों वाले आठ विधानसभा क्षेत्रों—मुरादाबाद ग्रामीण, शिकोहाबाद, गढ़मुक्तेश्वर, चायल, मधुबन, कुंदरकी, मनकापुर और मुरादाबाद नगर—के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगे जाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने सभी ईआरओ को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से बूथवार समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी परिस्थिति में कोई भी प्रकरण 48 घंटे से अधिक समय तक लंबित न रहे।
सोशल मीडिया शिकायतों का समयबद्ध समाधान
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए कि सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त मतदाताओं की जिज्ञासाओं और शिकायतों का समयबद्ध, तथ्यपरक और स्पष्ट उत्तर दिया जाए, ताकि मतदाताओं के बीच किसी भी प्रकार का भ्रम न उत्पन्न हो।
श्री रिणवा ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता, पारदर्शिता और समयबद्ध सुधार लोकतंत्र की मजबूती का आधार है और इस दिशा में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।































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