यूपी एटीएस और एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के स्लीपर सेल का भंडाफोड़, 4 आतंकी संदिग्ध गिरफ्तार

लखनऊ , 1


सहारनपुर से दबोचे गए आरोपी; संवेदनशील ठिकानों की रेकी और देश विरोधी विध्वंसक गतिविधियों की रच रहे थे साजिश

​लखनऊ/सहारनपुर:
उत्तर प्रदेश में आतंकी नेटवर्क और असामाजिक तत्वों के खिलाफ योगी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत सुरक्षा एजेंसियों को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। दिनांक 26 मई 2026 को यूपी एटीएस (Anti-Terrorism Squad) और एसटीएफ (Special Task Force) ने एक संयुक्त और गुप्त ऑपरेशन चलाकर पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के स्लीपर सेल से जुड़े चार सक्रिय अभियुक्तों को सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया है।
​पकड़े गए आरोपियों की पहचान महकाब (निवासी सहारनपुर), गगनदीप उर्फ गुरी सिंह (निवासी मुजफ्फरनगर), शाहरुख (निवासी सहारनपुर) और मुशर्रफ (निवासी हरिद्वार, उत्तराखंड) के रूप में हुई है।
​सोशल मीडिया के जरिए पाक हैंडलर्स से कनेक्शन, रची जा रही थी बड़ी साजिश
​सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ और जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:
​पाकिस्तानी हैंडलर्स से सीधा संपर्क: चारों अभियुक्त सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और एन्क्रिप्टेड वीडियो कॉलिंग के जरिए सीधे पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे।
​संवेदनशील स्थलों की रेकी: ये आरोपी उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों में महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील प्रतिष्ठानों की रेकी कर रहे थे।
​युवाओं का ब्रेनवॉश: स्लीपर सेल को मजबूत करने के लिए ये स्थानीय युवाओं को बरगलाने और उन्हें अपने साथ जोड़ने के काम में भी जुटे थे।
​बड़ी तबाही का प्लान: जांच में सामने आया है कि ये सभी आरोपी देश में किसी बड़ी आतंकी व विध्वंसक गतिविधि को अंजाम देने की खतरनाक साजिश का हिस्सा थे।
​एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश का आधिकारिक बयान
​मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के एडीजी (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने एक वीडियो बाइट जारी कर इस पूरे ऑपरेशन की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि खुफिया इनपुट्स के आधार पर एटीएस और एसटीएफ ने इस संयुक्त कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। पकड़े गए आरोपियों के पास से बरामद डिजिटल डिवाइस और दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है ताकि इनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।
​कानूनी कार्रवाई: इस पूरे मामले को लेकर लखनऊ स्थित एटीएस थाने में सुसंगत और गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) पंजीकृत कर ली गई है। सुरक्षा एजेंसियां अभियुक्तों को रिमांड पर लेकर आगे की विधिक व गहन पूछताछ की तैयारी कर रही हैं, जिससे इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के अन्य चेहरों का भी पर्दाफाश किया जा सके।

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