डिजिटल हाउस अरेस्ट के नाम पर 54 लाख की साइबर ठगी, चार आरोपी गिरफ्तार

लखनऊ , 82

लखनऊ।
साइबर अपराधियों ने रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी राजेंद्र प्रकाश वर्मा को “डिजिटल हाउस अरेस्ट” का डर दिखाकर 54 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को एटीएस और एनआईए का अधिकारी बताते हुए वीडियो कॉल के माध्यम से वारदात को अंजाम दिया।
आरोपियों ने गिरफ्तारी का भय दिखाकर पीड़ित को कथित तौर पर डिजिटल हाउस अरेस्ट में रखा और अलग-अलग खातों में 54 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। मामले की जांच के बाद साइबर क्राइम टीम ने चार आरोपियों—मो. सूफियान, मो. आज़म, आरिफ इकबाल और उजैर खान—को गिरफ्तार किया है।
डीसीपी क्राइम कमलेश दीक्षित ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपी उजैर खान लखनऊ में नीट (NEET) की कोचिंग कर रहा था, जबकि ठगी की रकम थाईलैंड में बैठे मास्टरमाइंड तक पहुंचाई जाती थी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर करने के बदले मोटा कमीशन लेते थे। साइबर क्राइम टीम अब गिरोह के विदेशी नेटवर्क और मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात वीडियो कॉल, खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताने वाले फोन कॉल या डिजिटल हाउस अरेस्ट जैसे दावों से सतर्क रहें और तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।

Related Articles

Comments

Back to Top