मिशन कर्मयोगी: सभी अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग अनिवार्य—सीएम योगी

लखनऊ , 134

लखनऊ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम को अनिवार्य किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ‘मिशन कर्मयोगी’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक परिवर्तनकारी पहल है, जिसका उद्देश्य सरकारी तंत्र को अधिक सक्षम, दक्ष और जनोन्मुखी बनाना है।
मुख्यमंत्री ने ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत प्रदेश में अब तक हुई प्रगति और आगामी कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी विभाग अपनी आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार कर उन्हें आईगॉट (iGOT) कर्मयोगी पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें।
सीएम योगी ने कहा कि विभागों और सरकारी संस्थाओं द्वारा संचालित सभी प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और साइबर सिक्योरिटी को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, ताकि अधिकारी एवं कर्मचारी बदलती तकनीकी चुनौतियों के अनुरूप स्वयं को अपडेट कर सकें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि प्रदेश के सभी ट्रेनिंग सेंटर्स कैपेसिटी बिल्डिंग से जुड़े पाठ्यक्रम अवश्य तैयार करें।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए सात दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम को अनिवार्य किया जाए, जिससे कार्यकुशलता, निर्णय क्षमता और सेवा वितरण में और अधिक सुधार हो सके।
समीक्षा बैठक में बताया गया कि आईगॉट कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। अब तक प्रदेश के 18.8 लाख से अधिक कार्मिक इस प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड हो चुके हैं, जो वर्ष 2025 में देश भर में हुई कुल ऑनबोर्डिंग का लगभग 93 प्रतिशत है।
मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता और प्रभावशीलता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि मिशन कर्मयोगी का वास्तविक लाभ शासन और आम जनता तक पहुंचे।

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