यज्ञ का फल अनंत

लखीमपुर खीरी , 163

लखीमपुर खीरी। यज्ञानुष्ठान से परमात्मा की प्राप्ति होती है। यज्ञों से संतुष्ट होकर देवता संसार का कल्याण करते हैं। गायत्री यज्ञ द्वारा लोक - परलोक का सुख प्राप्त हो सकता है।यज्ञ से स्वर्ग की प्राप्ति होती है।यज्ञ के समान कोई दान नहीं।यज्ञ के समान कोई विधि विधान नहीं।यज्ञ में ही सब धर्मों का उद्देश्य समाया हुआ है।यज्ञ का फल अनंत है।यज्ञ करने वाले को पीड़ा,बन्धुनाश,धन,क्षय,पाप ,   रोग,बंधन आदि की पीड़ा नहीं सहनी पड़ती।यज्ञ से अनेक पापों से छुटकारा मिलता है तथा परमात्मा के लोक की भी प्राप्ति होती है। उक्त विचार हैं श्री वेदमाता गायत्री प्रचार समिति के संस्थापक अध्यक्ष यज्ञाचार्य पं राजेश दीक्षित के जिन्होंने ग्राम कैमासुर के सिद्ध बाबा स्थान पर पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ के चौथे दिन यज्ञ कराते हुए कहे। महायज्ञ में गीत संगीत व भजन प्रस्तुत किया विष्णु कुमार शर्मा व राहुल शर्मा ने गायत्री महायज्ञ अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक पं श्री राम शर्मा आचार्य व परम वदनीया माता भगवती देवी शर्मा के सूक्ष्म संरक्षण में श्री वेदमाता गायत्री प्रचार समिति के तत्वावधान में संपन्न हो रही है। महायज्ञ में कथा प्रवचन का श्रवण कर श्रद्धालुओं ने यज्ञ में राष्ट्र कल्याण हेतु आहुतियां देकर अपने जीवन को धन्य किया।

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