बज़्म सागर ए हरम 53वां मुशायरा

लखीमपुर खीरी , 126

लखीमपुर खीरी।बज़्म सागर ए हरम की जानिब से शहर के बुज़ुर्ग और उस्ताद शायर मरहूम हकीम मंज़ूर हुसैन सागर की नात के मिसरे,मदीने पत्थर हैँ बेहतर गुहर से पर बज़्म का 53वां तरही नातिया मुशायरा शकील खान सागर के दरे दौलत आयोजित हुआ। मुशायरा की सदारत डॉ शफी सीतापुरी ने की मेहमाने खूसूसी मलिहाबाद से तशरीफ़ लाये नौजवान शायर डॉ अली दाऊद अली और संचालन डॉ कमाल अख्तर ने किया।
करूँ क्या मैं तारीफ शहरे नबी की 
मदीने के पत्थर हैँ बेहतर गुहर से 
डॉ कमाल अख्तर बदायू 
मेरे वास्ते ख़ाक तैबा की लाओ 
न तौलो मुझे दोस्तों सीमो ज़र में 
डॉ शफी सीतापुरी 
तमन्नाओं में सबसे अववल तमन्ना 
कि देखें मदीना हम अपनी नज़र से 
डॉ अली दाऊद अली मलिहाबादी 
ख़ुदा ने सहाबी बनाया है उसको 
पढ़ा जिसने कलमा है ख़ैरुल बशर से 
इक़बाल अकरम वारसी 
निहाल उसका बंदा गुनहगार हुँ मैं 
बड़ा बदतरीन और बदकार हुँ मैं 
मिरे मुस्तफ़ा आसरा आपका है 
बचा लीजिए मुझको शैतां के शर से 
निहाल रज़ा लखीमपुरी 
यह दुनिया है उसके लिए एक ज़ुल्मत 
जो वाक़िफ़ नहीं नामे ख़ैरुल बशर से 
अय्यूब अंसारी अय्यूब 
इनके आलवा शकील खान सागर ने कलाम सुनाया। इस अवसर पर मौलाना तौहीद मौलाना सुल्तान आसिफ खान तारिक़ खान एडवोकेट हाजी इलियास अदनान खान नबील खान शम्मू चीना के आलवा दर्जनों लोग मौजूद रहे आख़िर में सलातो सलाम के बाद मौलाना सुल्तान रज़ा ने मुल्क की तरक़्क़ी और अमनो अमान के लिए दुआ की।

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