*उत्तर प्रदेश में साइबर सुरक्षा मजबूत, नोएडा C-DAC और कानपुर IIT से 1,400+ युवाओं को ट्रेनिंग, 68,000 लोगों तक जागरूकता पहुंचाई*
लखनऊ Dec 10, 2025 at 07:15 PM , 122लखनऊ।
उत्तर प्रदेश में साइबर सुरक्षा अनुसंधान, प्रशिक्षण और जागरूकता को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिससे डिजिटल दुनिया में सुरक्षित इंटरनेट उपयोग सुनिश्चित हो रहा है। नोएडा स्थित सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC) ने स्व-गति साइबर रेंज सुविधा स्थापित की है, जिसमें वास्तविक साइबर हमलों पर आधारित लगभग 100 स्वचालित परिदृश्य उपलब्ध हैं। इस सुविधा से अब तक 6,000 से अधिक छात्रों और अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया है, जिसमें उत्तर प्रदेश के करीब 1,400 लाभार्थी शामिल हैं।
कानपुर स्थित आईआईटी कानपुर में राष्ट्रीय साइबर-फिजिकल सिस्टम मिशन के तहत साइबरसिक्योरिटी एंड साइबरसिक्योरिटी फॉर साइबर-फिजिकल सिस्टम्स इनोवेशन हब (C3iHub) स्थापित किया गया है। यह हब बिजली उत्पादन-वितरण, जल शुद्धिकरण, विनिर्माण स्वचालन और औद्योगिक रोबोट जैसे महत्वपूर्ण अवसंरचना के लिए राष्ट्रीय स्तर के टेस्टबेड संचालित करता है तथा औद्योगिक नियंत्रण सिस्टम (ICS) पर शोध, कमजोरी मूल्यांकन और वास्तविक समय खतरे का पता लगाने का कार्य करता है। साथ ही सरकारी अधिकारियों और हितधारकों के लिए हाथों-हाथ ICS साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है।
सूचना सुरक्षा शिक्षा एवं जागरूकता (ISEA) परियोजना के तहत उत्तर प्रदेश में 401 जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित की गई हैं, जिनमें 68,388 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें आगरा (10 कार्यशालाएं, 1,046 लोग), गौतम बुद्ध नगर (90 कार्यशालाएं, 18,040 लोग), लखनऊ (35 कार्यशालाएं, 9,752 लोग), मैनपुरी (77 कार्यशालाएं, 17,232 लोग) जैसे जिलों में व्यापक कवरेज सुनिश्चित किया गया है। राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह (अक्टूबर), सुरक्षित इंटरनेट दिवस (फरवरी), स्वच्छता पखवाड़ा और मासिक साइबर जागरूकता दिवस जैसे कार्यक्रमों से आम नागरिकों को साइबर स्वच्छता सिखाई जा रही है।
इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने उद्योग भागीदारों के सहयोग से 2024-2025 में 53 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें 32,000 प्रतिभागी शामिल हुए, जिसमें उत्तर प्रदेश से 2,100 से अधिक शामिल हैं। आईआईटी कानपुर का टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब (TIH) साइबर सुरक्षा एवं साइबर डिफेंस में एडवांस्ड सर्टिफिकेशन तथा ब्लॉकचेन कार्यक्रम चला रहा है, जिसमें 1,200 से अधिक व्यक्तियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। साथ ही 23 प्रशिक्षण कार्यक्रमों से 700 से अधिक सरकारी/PSU अधिकारियों को लाभ मिला है तथा 2023 में 10,000 छात्रों (SC/ST के लिए निःशुल्क) को कौशल प्रदान किया गया।
डेटा सुरक्षा, साइबर धोखाधड़ी रोकथाम और उभरते खतरे से निपटने के लिए डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023, नेशनल साइबर कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCCC), साइबर स्वच्छता केंद्र (CSK), मॉक ड्रिल, 231 ऑडिटिंग संगठन, AI-आधारित हमलों पर अलर्ट, सॉफ्टवेयर हार्डवेयर BOM दिशानिर्देश तथा स्मार्ट सिटी के लिए साइबर सुरक्षा गाइडलाइंस जैसे उपाय किए गए हैं। ये प्रयास उत्तर प्रदेश के आईटी इको-सिस्टम को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
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