बिना लाइसेंस उर्वरक बीज बाद दवा बेचने वाले विक्रेता के विरुद्ध मुकदमा दर्ज
लखीमपुर खीरी Dec 06, 2025 at 07:50 PM , 133लखीमपुर 6 दिसंबर 2025
3 दिसंबर को जिला कृषि अधिकारी द्वारा द्वारा क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान ईसानगर रोड पर फूलपुर गांव में एक व्यापारी द्वारा बिना licence बीज, खाद कीटनाशक के व्यापार किया जा रहा था उक्त उर्वरक परिसर को सील कर चार नमूने गृहीत किए गए तथा संबंधित विक्रेता अंजनी पांडे तथा उसके सहयोगी श्याम के विरुद्ध जिलाधिकारी महोदय की अनुमति उपरांत थाना ईसानगर में प्राथमिक की रिपोर्ट दर्ज कर दी गई है,
उर्वरक व्यवस्था:
रबी 2025 में फसलों की शास्य क्रियाओं की तैयारियों के बीच जिले में यूरिया, डीएपी, एनपीके और सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) खादों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करा दी गई है। जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि जनपद में 19744 मीट्रिक टन यूरिया, 4636 मीट्रिक टन डीएपी, 10549 मीट्रिक टन एनपीके और 15395 मीट्रिक टन एसएसपी का भंडारण किया जा चुका है।साथ ही hurl कंपनी की एक यूरिया रैक आने वाली है
किसान भाई निर्धारित दर पर अनुशंसित मात्रा में ही खाद खरीदें, अनावश्यक भंडारण से बचे । खाद खरीदते समय किसान अपने साथ आधार कार्ड और खतौनी अवश्य लाएं और विक्रेता से कैश मेमो जरूर प्राप्त करें।
*फास्फैटिक खादों का सही चयन बेहद जरूरी*
जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि डीएपी, एनपीके और एसएसपी तीनों फास्फैटिक उर्वरक हैं, जिनमें तत्वों की मात्रा अलग-अलग होती है। डीएपी (डाई अमोनियम फास्फेट) में नत्रजन और फास्फोरस पाए जाते हैं। एनपीके में नत्रजन, फास्फोरस और पोटाश तीनों प्रमुख पोषक तत्व होते हैं। एसएसपी (सिंगल सुपर फास्फेट) में फास्फोरस के साथ-साथ सल्फर भी पाया जाता है, जो विशेष रूप से सरसों जैसी तिलहनी फसलों के लिए अत्यंत लाभदायक है।
*शिकायत पर होगी एफआईआर!*
यदि कोई विक्रेता निर्धारित दर से अधिक मूल्य वसूलता है या किसानों को अन्य उत्पाद जबरन खरीदने के लिए बाध्य करता है, तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। साथ ही संबंधित थोक विक्रेता व विनिर्माता कंपनी पर भी कार्रवाई की जाएगी। किसान ऐसे मामलों की सूचना तुरंत सहायक विकास अधिकारी (कृषि) या कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 7839882212 पर दे सकते हैं। वहीं समितियों से जुड़ी समस्याओं के लिए 7007918909 पर संपर्क किया जा सकता है।
उक्त के साथ गुणवत्ता हेतु सतत निरीक्षण किया जा रहा है , उर्वरक गुणवत्ता हेतु 188 नमूने गृहीत किए गए हैं 54उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है वह 14 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं 36 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं चार उर्वरक प्रतिष्ठानों को सील किया गया है वह अक्षय व्यापारियों के विरुद्ध प्राथमिक की सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई ।समितियों की भी जांच सतत
की जा रही है , सहायक विकास अधिकारी अपने विकास खंड में प्रतिदिन निरीक्षण कर कृषकों को सुगमतापूर्वक उर्वरक वितरण में सहयोग कर रहे है , ब अनियमता की दशा में यथोचित कार्यवाही की जा रही है ।
* कृषकअनुशंसित खाद मात्रा का करे प्रयोग (प्रति हेक्टेयर):*
गेहूं: यूरिया 5 बोरी, डीएपी 3 बोरी, एनपीके 4 बोरी
सरसों: यूरिया 4 बोरी, डीएपी 3 बोरी, एनपीके 4 बोरी
चना/मसूर: यूरिया 0, डीएपी 2 बोरी, एनपीके 2 बोरी
आलू: यूरिया 6 बोरी, डीएपी 4 बोरी, एनपीके 4 बोरी
गन्ना : यूरिया 7 बोरी, डीएपी 05 बोरी, एनपीके 06 बोरी






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