विश्व मृदा दिवस के अवसर पर कृषक वैज्ञानिक संवाद

लखीमपुर खीरी , 72

लखीमपुर-खीरी।हर साल 05 दिसम्बर को दुनियाभर में मिट्टी के महत्व एवं संरक्षण की जागरूकता बढ़ाने के लिये विश्व मृदा दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर कृषि भवन, छाउछ में कृषकों के साथ संवाद का आयोजन किया गया जिसमें कृषि विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा कृषकों से संवाद स्थापित किया गया तथा मृदा सम्बन्धित समस्याओं के निराकरण के बारे में बताया गया। प्रगतिशील कृषक श्री रामनरेश वर्मा निवासी पिपरा करमचन्द द्वारा अपने अनुभव साझा किये गये। भूमि संरक्षण अधिकारी (गोमती), लखीमपुर खीरी द्वारा विश्व मृदा दिवस के महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक कृषकों को जानकारी दी गयी तथा उप कृषि निदेशक, लखीमपुर खीरी द्वारा विश्व मृदा दिवस की थीम "स्वस्थ शहरों के लिये स्वस्थ मिट्टी की विस्तृत जानकरी दी गयी। मृदा स्वास्थ्य कार्ड की जानकारी देते हुये उन्होने कहा कि मिट्टी ही जीवन का आधार है, किसान भाईयों को मिट्टी की जाँच कराकर मृदा स्वास्थ्य कार्ड में उर्वरक संस्तुति के आधार पर ही रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग करना चाहिये। फसल अवशेषों को जलाने के बजाय कम्पोस्ट खाद बनाकर प्रयोग करने से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटेगी तथा मृदा स्वास्थ अच्छा होगा। विरासत में प्राप्त मृदा को सस्टेनेबल रखते हुये अगली पीढ़ी हेतु संरक्षित करना हम सबका दायित्व है।

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