रसूल की बेटी की शहादत पर मजलिस का हुआ आयोजन इमामबाड़ा परिसर में निकाला कैंडल मार्च

लखीमपुर खीरी , 171

खीरी टाउन-खीरी  हजरत मोहम्मद साहब की बेटी जनाबे फातिमा  की शहादत की याद में कस्बे में स्थित शिया वक़्फ़ इमामबाड़ा  में मजलिस मातम का तीन दिवसीय सिलसिला चला जिसमें अंतिम दिन मंगलवार देर रात को  मजलिस के बाद सीने पर मातम किया उसके बाद ग़म का इज़हार करने के लिए कैंडिलमार्च निकाला जिसमें बच्चों महिलाओं ने हिस्सा लिया।कस्बे के मोहल्ला मुगली टोला में स्थित शिया वक़्फ़ इमामबाड़ा परिसर में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी  मोहम्मद साहब  की  बेटी जनाबे फातिमा जेहरा की शहादत के सिलसिले से तीन दिवसी मजलिस का आयोजन किया गया जिसमें अली जनाब मौलाना मुजाहिद रजा जैदी साहब ने तकरीर में रसूल अल्लाह की बेटी जनाबे फतिमता जहरा की जिंदगी पर रोशनी डालते हुए कहा  कि दुनिया को जन्नत बनाना है तो फतिमता जेहरा की सीरत पर अमल करना चाहिए। मौलाना साहब ने बताया कि हजरत फातिमा जहरा की शहादत के बाद, उन्होंने अपनी वसीयत में यह इच्छा व्यक्त की थी कि उनके जनाजे में वे लोग शामिल न हों जिन्होंने उन पर अत्याचार किया था। इस इच्छा के अनुसार, उन्हें रात में गुप्त रूप से दफनाया गया और उनके मकबरे को भी छुपाया गया। जनाजे की नमाज और दफन की रस्म हजरत अली  ने अस्मा बिन्ते उमैस की मदद से की, और कुछ करीबी लोगों के साथ मिलकर उन्हें दफन किया गया। मजलिस के बाद राज हुसैन ने नौहा पढ़ा और लोगों ने  सीने पर मातम किया मातम के उपरांत इमामबाड़ा परिसर में गम का  इजहार करते हुए कैंडल मार्च निकाला गया जिसमें बच्चों और महिलाओं ने हिस्सा लिया इस मौके पर इमामबाड़ा परिसर में लखीमपुर खीरी के तमाम शिया मुसलमानों ने हिस्सा लिया।

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