नगर पंचायत खीरी का भ्रष्टाचार का बड़ा खेल राम लीला पार्क निर्माण में गरीबों पर अत्याचार

लखीमपुर खीरी , 162

बेवा के प्लाट पर नगर पंचायत अध्यक्ष के संरक्षण में  ठेकेदार ने खुदवा दी नींव बेवा पीड़िता ने जिला अधिकारी से लगाई न्याय की गुहार 

रामलीला पार्क का निर्माण प्रारंभ टेंडर पास सही भूमि का कहीं पता नहीं बेवा की भूमि पर खुदवा दी नींव 


खीरी टाउन लखीमपुर-खीरी।नगर पंचायत क्षेत्र की सीमा के अंतर्गत जिम पार्क का टेंडर किया गया था लगभग3 वर्ष पूर्ण होने के बाद भी कार्य पूरा अधूरा है जिला अधिकारी को दिए शिकायती पत्र में मोहल्ला शिव कालोनी चौकी संकटा देवी कोतवाली सदर व तहसील लखीमपुर परगना व जिला खीरी की रहने वाली पीडता परवीन बेगम ने बताया कि 
पति ने नौ वर्ष पूर्व खीरी में चौकी के सामने गाटा संख्या 14 के जुज भाग आवासीय एक प्लाट नंबर 16 के जुज़ भाग में लिया था जिसकी गाटा संख्या 14 है। मोहल्ला जोशी टोला खीरी चौकी के सामने महादेव प्रसाद त्रिपुरारी लाल भारती, शंकर लाल पुत्रगण रामसुख निवासीगण मोहल्ला महराजनगर तहसील लखीमपुर परगना व जिला लखीमपुर चौकी रोडवेज कोतवाली सदर लखीमपुर-खीरी से खरीदा था जिसकी लम्बाई 80 फुट व चौड़ाई 15 फुट है  उक्त प्लाट पीड़िता के पति ने दो भागों में बैनामा कराया था जिसका आगे का हिस्सा रोड की तरफ 15 बाई 30 पीड़िता बेवा के पति स्व शाहिद अली के नाम 24. अक्टूबर.2016 को बैनामा हुआ था जिसकी बही संख्या एक जिल्द संख्या 10 872 पृष्ठ संख्या 213 से 254 क्रमांक 15346 रजिस्ट्री कृत किया गया था तथा पीछे का आन 15 बाई 50 पीड़िता परवीन बेगम के नाम 09.01.2017 को बही संख्या 1 जिल्द संख्या 10952 पृष्ठ संख्या 27 से 62 पर क्रमांक 207 रजिस्ट्री कृत किया गया था। जिसका दाखिल खारिज नगर पंचायत खीरी में है।पीड़िता बेवा के पति की प्लाट खरीदने के कुछ वर्षों बाद से स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता था जिसकी बीमारी को लेकर पीड़िता भाग-दौड़ में लगी रहती थी जिस कारण अपने उक्त प्लाट की चौह‌द्दी नहीं करा पाई जो भी पैसा था पति की बीमारी में लगता रहा आर्थिक तंगी से जूझ रही पीड़िता के आय का स्रोत पति ही था जिसकी दिनांक लंबी बीमारी के चलते 23.मई.2025 को मृत्यु हो गई
 उक्त प्लाट के पीछे बन रहे सरकारी पार्क के उक्त ठेकेदार  ने नींव खोदवाकर पीड़िता को प्रताड़ित किया है जबकि न तो उक्त ठेकेदारऔर न तो सरकारी बन रहे पार्क का उक्त भूमि से न कोई वास्ता न कोई सरोकार है  इससे पूर्व भी पीड़िता की भूमि पर मिट्टी डाली गई थी जिसकी शिकायत पीड़िता ने दिनांक 9- जून 2025 को लेखपाल से लेकर प्रधानमंत्री तक से की जिसकी आनलाइन शिकायत भी पीड़िता ने की जिसकी संदर्भ संख्या 12153250125065 है  जिसमें लगाई गई आख्या में नायाब तहसीलदार ने कहा है की गाटा संख्या 14 का अधिकतर भाग खाली पड़ा हुआ है  पुनः  दिनांक 21-अक्टूबर-2025 को  पीड़िता प्लाट देखने गयी तो वहां पर नींव खुदी पाई  जानकारी करने पर पता चला उक्त ठेकेदार  ने नींव खुदवाईं है जब ठेकेदार से जानकारी चाही तो उन्होंने बताया हम लोगों को जमीन के बारे में कोई भी जानकारी नहीं है जहां पर नगर पालिका के अधिकारी बताएंगे वहीं पर ही पार्क बनाया जाएगा उन लोगों ने बताया कि यह जमीन नगर पालिका की है तो वहां पर न्यू खुदवा दी गई मौके पर जाकर नगर पंचायत अध्यक्ष ने बताया यह जमीन रामलीला पार्क की है
जबकि सच्चाई यह है उक्त प्लांट न राम लीला पार्क और से और न उक्त ठेकेदार  व नगर पंचायत खीरी से उक्त प्लाट गाटा संख्या 14 का न कोई वास्ता न कोई सरोकार है तो पीड़िता को क्यों परेशान किया जा रहा पति की मौत के बाद दो जून की रोटी के लिए तरस रही पीड़िता के पास उक्त प्लाट की चौहद्दी के लिए रूपए नही है जो अपनी जवान पुत्री की शादी तय होने पर भी बेचकर शादी करेंगी।
इसके शिवा पीड़िता के पास कोई रास्ता नहीं है पीड़िता न्याय के लिए जाए तो जाए तो कहा देखते हैं न्याय के लिए दर दर भटक रही पीड़िता को न्याय मिलता की नहीं यह भविष्य के गर्भ में है।

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