त्यौहारों के चलते 31अक्तूबर तक धरना प्रदर्शन स्थगित

लखीमपुर खीरी , 224

   "तहसीलदार पलिया ने रेलवे स्टेशन धरना स्थल पर पहुंच क्रमिक अनशनकारियों से लिया ज्ञापन 

6 अक्टूबर से चल रहा क्रमिक धरना 13 दिन बाद स्थगित,रेल चलाने व बाढ़ रोकने के स्थाई उपाय को चल रहा आन्दोलन,"

विश्वकांत त्रिपाठी/केके शुक्ला 

           पलियाकलां‌/लखीमपुर। रेल चलाओ पलिया क्षेत्र बचाओ संघर्ष समिति द्वारा विगत 6 अक्टूबर से चल रहा धरना 13 दिनों बाद दीवाली,छठ पूजा व गंगा स्नान त्यौहारों के कारण स्थगित कर दिया गया।
      उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा बाढ़ नियंत्रण तथा बचाव व  पुनर्वास के लिए  योजनावद्ध तरीके‌ से बाढ़ के कारणों का बिना पता लगाये बाढ़ आने के बाद बचाव कार्य पर अरबों रुपए खर्च करने बाद भी बाढ़ की तबाही ‌से पीलीभीत जनपद के ट्रांस शारदा क्षेत्र की 19 ग्राम सभाएं, पलिया तथा निघासन विधान सभा सहित आंशिक गोला का क्षेत्र की लाखों हेक्टेयर‌ कृषि भूमि प्रतिवर्ष शारदा नदी में आने वाली बाढ़ से तबाह होकर जलमग्न हो जाती है, जिससे इस क्षेत्र की कृषि भूमि,
 जनजीवन,आवागमन के साधन, सहित तमाम व्यवस्थाएं प्रभावित होने के‌ साथ जनहानि भी होती रहती है।
        बाढ़ के कारण और बाढ़ रोकने की जिम्मेदारी उत्तरप्रदेश सरकार और सिंचाई विभाग की है सिंचाई विभाग अपने मानकों पर खरा नहीं उतरा इसीलिए पीलीभीत, खीरी लखीमपुर, आंशिक सीतापुर तथा बहराइच के इलाकों में बाढ़ आती है। सिंचाई विभाग यदि योजनाबद्ध तरीके से बाढ़ नियंत्रण पर काम करता तो उत्तर प्रदेश सरकार को अरबो रुपए का नुकसान नहीं उठाना पड़ता और जनता का नुकसान भी नहीं होता सिंचाई विभाग की खाओ कमाओ नीति के कारण विगत 25 वर्षों से पूरा इलाका बाढ़ से पीड़ित है, और बाढ़ के कारण ही रेल विभाग ने रेल ट्रैक मेंटीनेंस के नाम पर‌ भीरा-पलिया के मध्य अरबो रूपया खर्च किया जिसका कोई फायदा रेल विभाग को नहीं हुआ इस कारण रेल विभाग ने सौ साल पुराने मैलानी नानपारा रेल ट्रैक पर रेल संचालन बंद कर इस रेल खंड के डेढ़ दर्जन स्टेशनों को समाप्त करते हुए रेल ट्रैक को हेरिटेज लाइन घोषित संरक्षित रेल लाइन का दर्जा दे दिया और सवारी गाड़ी चलाने से हाथ खड़े कर लिए तथा बाढ और रेल पथ पर सीपेज बताते हुए 15-15 दिन के बंदी का नोटिस लगाते हुए विगत 29 जून से मैलानी नानपारा रेलखंड पर रेलगाड़ी की आवाजाही बंद कर दी है इसको लेकर क्षेत्र के डेढ़ दर्जन से अधिक सामाजिक संगठनों ने विगत 6 अक्टूबर से पलिया रेलवे स्टेशन पर क्रमिक धरना प्रदर्शन की शुरुआत कर रेल चलाओ पलिया क्षेत्र बचाव संघर्ष समिति के बैनर तले किए जा रहे धरना प्रदर्शन को त्योहारों को देखते हुए आज शनिवार को 31अक्तूबर तक के‌ लिये उक्त धरना प्रदर्शन स्थगित कर दिया गया। तहसीलदार पलिया तथा रेल विभाग को सूचना दे दी कि उक्त धरना प्रदर्शन पूर्व की भांति नवंबर के प्रथम सप्ताह से पुनःशुरू किया जायेगा।
 त्योहारी सीजन को लेकर निरस्त किया गया धरना प्रदर्शन नवंबर के प्रथम सप्ताह से पुनः क्रमिक अनशन और धरना प्रदर्शन किया जाएगा उक्त जानकारी देते हुए क्रमिक धरना प्रदर्शन के संयोजक कमलेश राय ने बताया कि शनिवार 18 अक्टूबर की धरना प्रदर्शन में रेल चलाओ पलिया बचाओ संघर्ष समिति की बैठक में सुरेंद्र यादव, रईस अली, कामरेड कमलेश राय, रामदयाल वर्मा ,रवि प्रताप, रंजीत यादव,नयागांव, लल्लन प्रसाद गौड़ ,सियाराम यादव ,चंद्रभूषण मिश्रा, ओमप्रकाश बौद्ध, कमरुद्दीन कादरी, जसवंत चौहान, रामकिशन, अर्जुन चौहान, राम प्रसाद मुन्ना, राज कपूर, मौजूद रहे वहीं 12 दिनों से चले आ रहे रेल चलाओ पलिया बचाओ संघर्ष समिति की अनिश्चित कालीन क्रमिक धरना प्रदर्शन को आज प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश उपाध्यक्ष बलराम गुप्ता नेतृत्व में नगर अध्यक्ष अजय दरोगा ने क्रमिक धरना प्रदर्शन को समर्थन देते हुए रेल चलाओ पलिया बचाओ संघर्ष समिति के धरना स्थल पर पहुंचकर धरना प्रदर्शन बैठे लोगों का हौसला बढाते हुए उन्हें समर्थन पत्र सौपा इस दौरान प्रदेश सचिव बलराम गुप्ता वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता एडवोकेट अशर्फी लाल शर्मा, गुरनाम सिंह जिला उपाध्यक्ष अख्तर अहमद "गुड्डू",एड दिनेश जिंदल, नियामत अली, महताब आलम, नागेश राही, मोहम्मद इस्लाम फरीदी, मोइन अहमद साबरी संतोष कुमार राणा, सौरभ चौबे, सहित एक दर्जन से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ता सहित कामरेड आरती राय लल्लन गॉड रामकिशन कमरुद्दीन कादरी सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

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