हर्षोल्लास के साथ मनाई सरस्वती शिशु वाटिका में दीपावली दिखी पंचपर्वों की झलक
लखीमपुर खीरी Oct 18, 2025 at 05:48 PM , 181लखीमपुर खीरी। विद्या भारती के सनातन धर्म सरस्वती शिशु वाटिका में दीपावली का पर्व पूरे हर्षोल्लास एवं धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुआ।विद्यालय की संचालिका हीरा सिंह ने पंच पर्वों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि धनतेरस से भाई दूज तक मनाए जाने वाले पाँच पर्व — जिन्हें यम पंचक या दीपोत्सव भी कहा जाता है — भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं, जो स्वास्थ्य, समृद्धि, अच्छाई की विजय और पारिवारिक एकता का संदेश देते हैं।कार्यक्रम की संयोजिका रजनी सोनी ने धनतेरस पर्व का अर्थ बताते हुए कहा कि यह श्री धन्वंतरि जी और कुबेर जी को समर्पित है, जो स्वास्थ्य व धन-संपदा का प्रतीक है।शिशुभारती प्रमुख रजनी कपूर ने नरक चतुर्दशी पर बताया कि यह दिन बुराई पर अच्छाई की विजय और आंतरिक स्वच्छता का प्रतीक है सुचिता तिवारी ने दीपावली के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन की स्मृति में मनाया जाता है, जब अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया था। ज्योति मिश्रा ने गोवर्धन पूजा के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की कथा का उल्लेख करते हुए बताया कि यह पर्व प्रकृति और गोवंश के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है।
बहन रमा मिश्रा ने भैया दूज पर्व के महत्व को बताते हुए भाई-बहन के प्रेम और स्नेहपूर्ण रिश्ते की भावना को व्यक्त किया।कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय परिवार ने सामूहिक रूप से “स्वदेशी अपनाने और विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार” का संकल्प लिया।यह भव्य आयोजन प्रचार विभाग प्रमुख पूनम सिंह के संरक्षण में संपन्न हुआ। दीपों की पंक्तियों, भक्ति संगीत और उत्सवमय वातावरण ने पूरे विद्यालय परिसर को आलोकित कर दिया।






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