"स्थानीय संगीत सम्मेलन" बना स्वर, समर्पण एवं सम्मान का संगम, निखरी लखीमपुर की पहचान

लखीमपुर खीरी , 318

लखीमपुर खीरी। प्राचीन ऐतिहासिक दशहरा मेला लखीमपुर की सांस्कृतिक शृंखला का आठवां दिन स्वर-साधना, सम्मान और संस्कार का अविस्मरणीय संगम बन गया। नगर की सांस्कृतिक धारा को समर्पित स्थानीय संगीत सम्मेलन का आयोजन जनपद की प्रतिभाओं के लिए प्रेरणादायक मंच सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पालिका अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में धौरहरा विधायक विनोद शंकर अवस्थी की उपस्थिति ने आयोजन को गरिमा प्रदान की। दीप प्रज्ज्वलन के साथ प्रारंभ हुए इस समारोह में आर.के. इवेंट्स एंड इंटर ट्रेनर्स, प्रो. राजेश दीक्षित एवं टीम की मधुर प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह का हृदय छू लिया। नगर पालिका परिषद द्वारा संचालित ‘माधवी सम्मान समारोह’ में मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर भविष्य की ऊर्जा को सशक्त किया गया। हाईस्कूल वर्ग से अंजली, पीयूष तिवारी, अंश कुमार, सृष्टि तिवारी तथा इंटरमीडिएट वर्ग से यशी रस्तोगी, अमन वर्मा, शिवा वर्मा को सम्मानित किया गया। विशेष आकर्षण तब बना जब मेधावी छात्रा यशी रस्तोगी को “एक दिन की पालिकाध्यक्ष” की भूमिका सौंपी गई। यशी ने मेले का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और जिम्मेदारी का उदाहरण प्रस्तुत किया। सम्मान की इसी कड़ी में देशभक्ति और सामाजिक सेवा के प्रतीक पाँच पूर्व सैनिक सी.पी. मिश्रा, विनोद तिवारी, राम प्रकाश शुक्ला, बाबू राम, मनोज त्रिवेदी तथा समाजसेवी अनुज गुप्ता, रोहित गुप्ता, जसप्रीत, अनूप श्रीवास्तव को नगर पालिका द्वारा सम्मानित किया गया। उद्घाटन सत्र का भावपूर्ण संचालन समाजसेवी-साहित्यकार राममोहन गुप्ता ने किया। कार्यक्रम में अधिशासी अधिकारी संजय कुमार, मेलाधिकारी सामरा सईद, मेलाध्यक्ष कौशल तिवारी सहित नगर के गणमान्य नागरिकों की सजीव उपस्थिति ने समारोह को नई ऊँचाइयाँ दीं। रात गहराती गई और मंच पर स्वर, ताल, और नृत्य की झंकार गूँजती रही। अनिल शुक्ला, संदीप सिंह चौहान, कुमुदेश्वर शंकर शुक्ला, राकेश कुमार मिश्रा और सुरेन्द्र पाल के संयोजन में संपन्न हुए इस सम्मेलन में कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से यह सिद्ध कर दिया कि लखीमपुर की सांस्कृतिक मिट्टी में आज भी संगीत, संस्कार और सृजन की गूँज जीवित है।

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