डीएम ने रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टेशन का किया निरीक्षण, श्रद्धालुगण, यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित कराने के निर्देश
लखीमपुर खीरी Feb 16, 2025 at 06:42 PM , 111*डीएम बोली, यात्रियों, श्रद्धालुओ की सुरक्षा सर्वोपरि*
लखीमपुर खीरी। महाकुंभ प्रयागराज में जनपद से जाने वाले श्रद्धालुगण की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने प्रभारी एसपी/एएसपी नेपाल सिंह, एडीएम संजय कुमार सिंह, एएसपी पवन गौतम, एसडीएम अश्विनी सिंह, सीओ सिटी रमेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स के साथ लखीमपुर रेलवे स्टेशन, और रोडवेज बस स्टेशन लखीमपुर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान संबंधित को जरूरी दिशा निर्देश दिए।
डीएम ने अफसरो की टीम संग पूरे रेलवे स्टेशन का पैदल भ्रमण किया। मौजूद यात्रियों से संवाद करते हुए जाना कि उन्हें किस गंतव्य से और किस ट्रेन के माध्यम से जाना है। इस दौरान मौजूद रेलवे के जिम्मेदार अफसरो से यात्रीगण की सुरक्षा सुनिश्चित करने के संबंध में जरूरी दिशा निर्देश दिए।
डीएम ने एसडीएम-सीओ को निर्देश दिए कि रेलवे के अधिकारियों से समन्वय रखते हुए यहां से गुजरने वाली ट्रेन में ओवरक्राउडिंग ना हो, इसे सुनिश्चित कराया जाए। प्रयागराज जाने के लिए जाने वाली कुंभ स्पेशल ट्रेन की रवानगी अपनी देखरेख में सुनिश्चित कराए। इस दौरान उन्होंने आरपीएफ और जीआरपी के अफसरो को भी निर्देशित किया।
इसके बाद डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल अफसरों के दल बल के साथ लखीमपुर रोडवेज बस स्टेशन पहुंची, जहां उन्होंने सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक लखीमपुर से प्रयागराज जाने वाली बसों के संबंध में जानकारी ली, निर्देश दिए कि यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत किसी भी दशा में ओवरक्राउडिंग ना हो इसे सुनिश्चित कराया जाए।
*बसो, ट्रेनों में ना हो ओवरक्राउडिंग, बनी रणनीति, डीएम ने ली अफसरों की बैठक*
*डीएम के निर्देश, यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि, अफसर भ्रमणशील रहकर कराएं सुनिश्चित*
भ्रमण से पहले डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने अपने कैंप कार्यालय में ट्रेन और बसों के माध्यम से महाकुंभ प्रयागराज जा रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने के उद्देश्य से अफसरो की बैठक ली, संबंधित को जरूरी दिशा निर्देश दिए।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि जिले के तहसील क्षेत्र में प्रत्येक एसडीएम, सीओ अपने तहसील क्षेत्र में पड़ने वाले रेलवे स्टेशनों का भ्रमण करते हुए श्रद्धालुओं और यात्रीगण की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सभी जरूरी कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रयागराज जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने एआरटीओ अखिलेश द्विवेदी और यात्री कर अधिकारी कौशलेंद्र यादव को निर्देश दिए कि भ्रमणशील रहकर बसों की चेकिंग करते हुए सुनिश्चित कराए कि किसी भी दशा में सरकारी एवं निजी क्षेत्र की वाहनों में ओवरक्राउडिंग न हो।
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नेशनल हाइवे पर चलती कार बनी आग का गोला
लखीमपुर खीरी। नेशनल हाईवे पर चलती कार बनी आग का गोला, कार सवारों ने भाग कर बचाई अपनी जान, रविवार को नेशनल हाईवे 730 थाना फरधान क्षेत्र में श्री श्याम जी फिलिंग स्टेशन रजागंज के पास अचानक चलती कार में आग लग गई और कुछ ही समय मे कार धूं-धूं कर जलने लगी। कर सवारों ने गाड़ी से भाग कर अपनी जान बचाई। प्रत्यक्ष दर्शन की माने तो मौके पर लगातार प्रयास के बावजूद भी फायर बिग्रेड का नम्बर नहीं लग सका। और कार जल कर खाक हो गई।
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संतानहीनता, शाप प्रकरण और उसका ज्योतिषीय संबंध 2
गुरु सत्यानन्द जी
सनातन विद्या पीठ
(प्रस्तुति के0के0शुक्ला)
लखीमपुर खीरी। शाप योग का वर्णन ...
सर्पदोष :-
१. जिस जातक के जन्मांग में राहु मंगल की राशि का होकर पंचमस्थ हो या मङ्गल से युत/दृष्ट हो । तब जातक के अपुत्र योग का कारण सर्पदोष होता है ।
२. पंचमेश राहु युत हो, शनि पंचमस्थ हो, शनि चन्द्रमा से युत/दृष्ट हो तब सर्प दोष होता है ।
३. पुत्रकारक राहु युत हो, पंचमेश बलहीन हो और लग्नेश मङ्गलयुत हो तब सर्प दोष निर्मित होता है।
४. पंचमेश त्रिक (६, ८, १२) में हो, पुत्रकारक मङ्गलयुत हो और राहु लग्नस्थ हो तब सर्पशाप से अपुत्रयोग निर्मित होता है।
५. स्वराशि में मङ्गल के साथ पंचमेश और बुध हो, लग्न में राहु और गुलिक हो तब सर्पशाप माना जाता है।
६. राहु मङ्गल की राशि का होकर पंचमस्थ हो साथ ही शुभ दृष्ट हो तब सर्पदोष निर्मित होता है।
७. राहु, गुरु, बुध, सूर्य, मङ्गल शनि पंचमस्थ हों, पंचमेश और लग्नेश बलहीन हों तब सर्पशाप होता है।
८. राहु लग्नेशयुत हो, मङ्गल पंचमेश युत हो और पुत्रकारक केतु युत हो तब सर्पशाप से पुत्र नाश होता है।
सर्पशाप शांति विधान....
१. सर्पशाप शान्ति के लिए सर्प का वैदिक मन्त्रों से प्रतिष्ठा और पूजन कराएं।
२. गौ, धरती, सुवर्ण, तिलपात्र सर्प पूजन पश्चात दान करें।
३. सर्प मन्त्रों का तांत्रिक अनुष्ठान भी शाप निर्मूलन में समर्थ होता है। दोष शान्ति पश्चात संतान प्राप्ति होती है।
सर्प शाप शांति पश्चात संतानप्रद याग भी करना सफलता को सुनिश्चित करता है।
........ॐ.......
अब पितृ शाप प्रकाशित करने वाले योगों का वर्णन करते हैं --
पितृ शाप योग :-
१. सूर्य नीच या शनि की राशि का होकर पंचमस्थ हो या पंचमस्थ होकर पाप पीड़ित हो तब पितृशाप का संकेत होता है ।
२. जिनके जन्मांग में सूर्य ओर पंचमेश पाप मध्य में हों और नवम, पंचम में पाप ग्रह हों तब पितृदोष के कारण अपुत्र योग होता है।
३. गुरु सूर्य राशि का होकर पंचमस्थ हो, सूर्य पंचमेश के साथ हो, लग्न और पञ्चम भाव पाप ग्रह युत हो, तब पितृ दोषनिर्मित होता है ।
४. बलहीन लग्नेश पंचमस्थ हो, पंचमेश पाप पीड़ित होकर त्रिक (६, ८, १२) में हो । लग्न और पञ्चम भाव पाप प्रभाव में हो । तब पितृ शाप की पुष्टि होती है।
५. जब दशमेश पंचमस्थ हो और पंचमेश दशमस्थ हो, लग्न और पञ्चम भाव पाप प्रभावित हो। तब पितृशाप वश पुत्रशोक प्राप्त होता है।
६. पंचमेश, दशमेश और भौम संयुक्त होकर दशम, पंचम या लग्न में स्थित हो तब पितृ शाप के कारण अपुत्रता होती है।
७. पुत्रकारक ग्रह पापराशिस्थ हो, दशमेश त्रिकस्थ हो और लग्नेश पापयुत होकर लग्नस्थ हो तब पितृशाप से पुत्र नाश होता है ।
८. लग्न, पञ्चम में सूर्य, शनि, भौम स्थित हो और द्वादश, अष्टम में राहु, गुरु हों तब उस प्राणि को पितृ दोष के कारण संतान शोक प्राप्त होता है।
९. सूर्य अष्टमस्थ हो, शनि पंचमस्थ हो, पंचमेश राहु युत हो और लग्न में पापी ग्रह हों तब पितृशाप से संतानहीनता होती है।
१०. व्ययेश लग्नस्थ हो, अष्टमेश पंचमस्थ हो और दशमेश अष्टमस्थ हो तब पितृदोष के कारण पुत्रनाश होता है।
११. षष्ठेश पंचमस्थ हो, दशमेश षष्ठस्थ हो और पुत्रकारक पाप पीड़ित हो तब भी पितृ शाप निश्चित होता है।
अतः पितृ शाप का समुचित विवेचन संपन्न हो जाने पर पितृ शाप के शान्ति का विधान प्रकाशित करना चाहिए ।
पितृदोष शान्ति विधान :-
पितृदोष प्रकाशित होने पर पितृश्वरों का विधिवत् श्राद्ध करना चाहिए और 'अष्टाक्षर' मन्त्र का अनुष्ठान करना चाहिए। सम्यक हवन और दान द्वारा पितरों को तृप्त करना चाहिए। स्वर्ण दान और कन्या दान का विशेष महत्त्व है। पितृ श्राद्ध संपन्न करके ही कन्याविवाह और यथाशक्ति स्वर्णदान में प्रवृत होना उचित होता है। पितरों की तृप्ति ही एक मात्र इस दोष से निवृत्ति का उपाय है ।
हमे अपने जीवित वृद्धों को भी प्रसन्न करके आशीर्वाद लेते रहने से हमारी आने वाली सन्तति के जन्मांग में पितृदोष निर्मित नही होने पाता । इस महत्वपूर्ण तथ्य का हम सभी को सर्वदा स्मरण रखना चाहिए । हमारे कुल के आज के जीवित वृद्ध ही हमारी आने वाली पीढ़ी के पितर हैं। हम अपने कुल वृद्धजन का अभी आदर करेंगे तब ही हमारी संतति हमारा आदर करने वाले संस्कार से युक्त उत्पन्न होगी और यह कार्य हमारे कुल के पितृ ही अपने आशीर्वचन द्वारा संपन्न करते है ।
वृद्धजन का आशीर्वचन ही हमारी उत्तम और संस्कारी संतति के आने का अनुमोदन होता है। इस तथ्य में किसी को कोई संदेह नही होना चाहिए । यह तथ्य मानव की सभी सभ्यताओं और संस्कृतियों में किसी न किसी रूप में स्वीकार्य है।
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आज के परिवेश में पत्रकारिता विषय पर गोष्ठी का आयोजन हुआ
लखीमपुर खीरी। लखीमपुर में पत्रकार सुरक्षा परिषद फाउंडेशन द्वारा आज के प्रवेश में पत्रकारिता विषय पर गोष्ठी का डा. भीमराव अम्बेडकर पार्क में आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि की हैसियत से वरिष्ठ पत्रकार आमिर रज़ा पम्मी रहे। इस मौके पर अपने संबोधन में मुख्य अतिथि आमिर रज़ा ने कहा कि आज के परिवेश में पत्रकारिता काफी कठिन और संघर्ष का काम है। जिस तरह से पत्रकारों को हर मोड पर खतरों का सामना करना पड़ता है ऐसे मैं जरूरी है कि पत्रकार संगठित हो और एक दूसरे के साथ दुख सुख में खड़ा हो। उन्होंने कहा कि अधिकारी से लेकर माफिया तक के निशाने पर पत्रकार रहते हैं। उन्होंने पत्रकारों से संयम बनाकर सूझबूझ के साथ पत्रकारिता करने की अपील की। इस मौके पर पर पत्रकार सुरक्षा परिषद फाउंडेशन के सदस्य अमित मौर्य ने अपने विचार रखते हुए बताया कि हम सभी पत्रकारों को संगठित रहकर काम करना चाहिए आये दिन पत्रकार पर हमला हो रहें हैं माफिया लोगों के खिलाफ कोई भी खबर प्रसारित करते हैं तो आये दिन माफिया पत्रकारों को धमकी देते व हमला करते हैं।इस लिए हम सभी पत्रकारों को एकजुट होकर काम करना चाहिए साथ ही पत्रकार सुरक्षा परिषद फाउंडेशन की भी जानकारी दी व जुड़ने के नियम व प्रकिया बताई । इस मौके पर पत्रकार अब्दुल कवी, रमेश मौर्य, पत्रकार राकेश मौर्य मनीष गुप्ता मनोज मिश्रा,माशूक अली सुनील यादव,नीरज जयसवाल, अंशुमान सिंह, मनीष धवन, गोपाल कृष्ण अवस्थी, विशाल गोस्वामी, श्याम पांडेय, राहुल सिंह,मो.सईद, अमित मिश्रा समस्त पत्रकारगण उपस्थित रहें।































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