धर्म-धर्मात्मा-धरती रक्षार्थ सत्य-धर्मं संस्थापनार्थ चतुर्युगीन भगवदावतार की निकली भव्य शोभा यात्रा

लखीमपुर खीरी , 616

के0के0 शुक्ला
हरिद्वार/लखीमपुर। सन्त ज्ञानेश्वर स्वामी सदानन्द जी परमहंस जी द्वारा संस्थापित संस्था सदानन्द तत्त्वज्ञान परिषद् के रानीपुर मोड़ स्थित श्रीहरि द्वार आश्रम से भगवद् भक्त सेवकों के द्वारा सत्यधर्म संस्थापनार्थ एवं धर्म धर्मात्मा धरती रक्षार्थ चतुर्युगीन भगवदावतार भगवान विष्णु जी , भगवान राम जी , भगवान कृष्ण जी एवं भगवान सदानन्द जी की झांकी के साथ हरिद्वार की सड़कों पर शोभा यात्रा निकाली गई । संस्था के वरिष्ठ सेवक कमल जी ने कहा शोभा यात्रा का मुख्य उद्देश्य जनता को वास्तविक धर्म की जानकारी देकर समाज में धर्म के नाम पर फैले आडम्बर ढोंग पाखण्ड को मिटाना है। आज के समय में अज्ञानतावश अलग अलग सम्प्रदायों को ही धर्म घोषित कर लोगों को बाँट दिया गया है जबकि धर्म एक था एक है और एक रहने वाला खुदा गॉड भगवान सत श्री अकाल का दोष रहित सत्य प्रधान अमरता उन्मुक्तता से युक्त सर्वोत्तम सनातन विधान है , जिसमें रहकर जीवन जिया जाता है ।

उन्होंने कहा वर्तमान में कल्कि अवतार भगवान सदानन्द जी ने हमें जीव-ईश्वर-परमेश्वर अर्थात रूह-नूर-अल्लाहताला अर्थात सेल्फ-सोल-गॉड तीनो का अलग अलग बातचीत सहित साक्षात् दर्शन कराया जिसमे यह देखने को मिला जो जीव है वही रूह है वही सेल्फ भी है, जो इश्वर है वही नूर है वही सोल भी है और जो परमात्मा है वही अल्लाहताला है वही गॉड भी है । फिर धर्म के नाम पर यह भेद भाव कैसा ? जबकि धर्म सबका एक है । इसी शोभायात्रा के माध्यम से हम सभी का आह्वान करते हैं कि पहले धर्म को जानो फिर मानो । शोभा यात्रामें देश विदेश से आए श्रद्धालु एवं सन्त महात्मा जी लोग धर्म ध्वजा तथा झांकी के साथ उपस्थित रहे ।

Related Articles

Comments

Back to Top